पुलिस कस्टडी को ठेंगा दिखा मेडिकल कॉलेज से भागा नशे का सौदागर.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
महासमुंद जिले में खाकी की मुस्तैदी पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। नशीली गोलियों की अवैध तस्करी के मामले में शिकंजे में कसा एक बंदी पुलिस को गच्चा देकर जिला अस्पताल से रफूचक्कर हो गया। हैरानी की बात यह है कि पैर में रॉड डली होने के बावजूद शातिर आरोपी सुरक्षाकर्मियों की आंखों में धूल झोंककर फरार होने में कामयाब रहा। इस दुस्साहसिक घटना के सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है और चारों तरफ तलाश तेज कर दी गई है।
सरायपाली इलाके की पुलिस ने बुधवार को ओडिशा सीमा से प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप के साथ दिनेश राजपूत (20) को धर दबोचा था। सलाखों के पीछे भेजने से पहले अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई और उसने पेट में गंभीर दर्द व दौरों की शिकायत की। आनन-फानन में उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए महासमुंद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था।
अस्पताल के बेड पर लेटते ही आरोपी ने भागने का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया। उसकी पहरेदारी के लिए दो पुलिसकर्मियों खोमनलाल साहू और रामचरण यादव की तैनाती की गई थी। गुरुवार की सुबह करीब साढ़े सात से साढ़े आठ बजे के बीच जब एक संतरी लघुशंका के लिए गया और दूसरा चिकित्सक से जुड़े किसी काम में उलझा था, तभी बंदी ने मौके का फायदा उठाया और चंपत हो गया।
खास बात यह है कि आरोपी के पैर में पहले से ही सर्जरी के जरिए रॉड फिट थी, जिससे चलने-फिरने में उसे भारी असुविधा होनी चाहिए थी। इसके बावजूद उसने पुलिस सुरक्षा चक्र को चकमा दे दिया। अब यह जांच का विषय बन गया है कि क्या उसे हथकड़ी लगाई गई थी या सुरक्षा में तैनात कर्मियों से गंभीर चूक हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस हरकत में आ गई है। अस्पताल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि उसकी भागने की दिशा का सुराग मिल सके। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
एडिशनल एसपी सुनील कुमार नायक ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार बंदी की सुरागरसी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। प्राथमिक तौर पर ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही या कोताही मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी






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