जंगल में मनाई नन्हे हाथी की 'छठी', सामूहिक दावत का भी हुआ आयोजन.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से इंसान और वन्यजीवों के बीच प्रेम की एक अद्भुत तस्वीर सामने आई है। जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में ग्रामीणों ने एक नन्हे हाथी की 'छठी' का कार्यक्रम पूरे विधि-विधान से संपन्न किया। इस हाथी के शावक का जन्म गणेश चतुर्थी के दिन बाकारुमा रेंज के ससकोबा क्षेत्र में हुआ था।
जन्म के करीब 15 दिन बाद मंगलवार को गनपतपुर और ससकोबा के बीच स्थित पुल के पास, पहाड़ी जंगल की सीमा पर ग्रामीणों ने यह अनोखा आयोजन किया।
परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर नन्हे शावक के स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की कामना की। इस दौरान जंगल की सीमा पर ही भोजन पकाया गया और ग्रामीणों के लिए एक बड़ी दावत का आयोजन हुआ।
हाथी के बच्चे की छठी मनाने का यह आयोजन पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस कार्यक्रम में गनपतपुर के सरपंच हरिओमशंकर राठिया, हरिश्चंद्र राठिया, ससकोबा टीएसएस अध्यक्ष बोधसिंह राठिया, ससकोबा सरपंच पति अनिल कुमार राठिया, मुनेश्वर राठिया और रैरूमा खुर्द के अमित कुमार राठिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे शामिल हुए।
इलाके में मौजूद है 31 हाथियों का दल -
बताया जा रहा है कि बाकारुमा रेंज के ससकोबा क्षेत्र में फिलहाल 31 हाथियों का एक बड़ा दल विचरण कर रहा है। नन्हे शावक के जन्म और इस अनूठे आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे उत्साह में आकर हाथियों के करीब न जाएं और उनसे एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें।






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