बिजली पोल लगाते समय करंट से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत, ठेकेदार पर FIR के आदेश...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में बिना परमिट और सुरक्षा उपकरणों के काम करवा रहे एक बिजली ठेकेदार की लापरवाही ने दो मासूम मजदूरों की जान ले ली।
यह दर्दनाक हादसा पत्थलगांव थाना क्षेत्र के पाकरगांव में हुआ, जहां नया बिजली पोल शिफ्ट करते समय खंभा ऊपर से गुजर रही चालू लाइन की चपेट में आ गया। इस जोरदार झटके से चार मजदूर बुरी तरह झुलस गए। इनमें से दो मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल पत्थलगांव में भर्ती कराया गया है।
धोखे में रखकर कराया जा रहा था काम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठेकेदार ने कुल सात मजदूरों को पाकरगांव में पोल शिफ्टिंग के लिए बुलाया था। ठेकेदार ने मजदूरों को यह भरोसा दिलाया था कि विभाग से लाइन बंद करने का परमिट (शटडाउन) ले लिया गया है। इसी भरोसे पर मजदूरों ने जैसे ही नया खंभा उठाया, वह सीधे बिजली के चालू तार से जा टकराया। करंट का झटका इतना तेज था कि दो मजदूर छिटक कर दूर जा गिरे, जबकि दो ने वहीं प्राण त्याग दिए।
मृतकों की शिनाख्त गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर निवासी टोमन ध्रुव (32) और ग्राम भेड़ीमुड़ा निवासी अलेख एक्का (30) के रूप में हुई है। वहीं, इस हादसे में महासमुंद के लोचन मांझी और गरियाबंद के त्रिभुवन ध्रुव गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
मजदूरों का फूटा गुस्सा, सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल
हादसे के बाद साथी मजदूरों में भारी आक्रोश फैल गया। उन्होंने काम बंद कर मुआवजे और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने ठेका प्रथा की पोल खोलते हुए बताया कि उन्हें अक्सर सिर्फ एक फोन कॉल पर काम शुरू करने का आदेश दे दिया जाता है। उनके पास यह जांचने का कोई उपकरण नहीं होता कि लाइन सच में बंद है या नहीं। साथ ही, जहां नियमित कर्मचारियों को हेलमेट, इंसुलेटेड ग्लव्स और सेफ्टी शूज दिए जाते हैं, वहीं ठेका मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मौत के मुंह में धकेल दिया जाता है।
अधिकारियों ने दिया जांच का आदेश, ठेकेदार पर होगी FIR
इस पूरे मामले में भारी विभागीय लापरवाही भी सामने आई है। बिजली विभाग के सहायक अभियंता के.के. देशमुख ने स्पष्ट किया कि ठेकेदार ने परमिट लालझर वितरण केंद्र के 'पॉलीडीह' इलाके के लिए लिया था और वहां की लाइन बंद कराई थी। लेकिन काम लुड़ेग वितरण केंद्र के 'पाकरगांव' में करवाया जा रहा था, जिसके लिए विभाग से ना तो लिखित और ना ही मौखिक परमिट लिया गया था।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पत्थलगांव एसडीएम क्षितिज गुरभेले ने ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। एसडीएम ने सख्त लहजे में कहा कि जांच में शटडाउन प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से पड़ताल होगी। अगर इस लापरवाही में बिजली विभाग के किसी कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।






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