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बस्तर पंडुम के नाम पर सरकार ने भ्रष्टाचार किया - दीपक बैज.....

Aug 2
2 min read
  • आदिवासियों को नुमाईश का समान मत बनाये शिक्षा और रोजगार चाहिए |

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-

रायपुर पिछले दिनों सरकार ने बस्तर पंडुम से जुड़े आदिवासियों को दिल्ली घुमाने ले गयी तथा राष्ट्रपति से मुलाकात भी कराया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बस्तर पंडुम आदिवासियों के संस्कृति, रूढ़िवादी परंपरा एवं संस्कृति त्यौहार है, यह सरकार का कोई आयोजन नहीं है। सरकार ने इसे अपने आत्म प्रचार का माध्यम बनाने की कोशिश किया।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आदिवासियों को राष्ट्रपति से मिलाये दिल्ली, मुम्बई, विदेश घुमाने ले जाये, कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन क्या इससे आदिवासी वर्ग के युवाओं को नौकरी मिल जाएगा? स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के संकट दूर हो जाएंगे? बस्तर पंडुम के नाम से सरकार ने भारी भ्रष्टाचार किया है। राष्ट्रपति, केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन पर टेंट, कुर्सी, पंडाल के आदि लगाने के नाम पर 6 करोड़ 14 लाख से अधिक गड़बड़ी की गई, जो पैसा दिखावे में खर्च किया गया, उसको आदिवासियों की बेहतरी पर खर्च होना था। 6.14 करोड़ में तो पिछली बारिश से टुटे दर्जनों पुल, पुलिया, सड़क बन जाते, जितना खर्चा टेंट, कुर्सी, आदि पर खर्च किया, उतने में तो सिमेंट का पक्का डोम बना जाता।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार सिर्फ आदिवासियों को धोखा दे रही है। सरकार आदिवासियों को नुमाईश का समान बना कर रखना चाहती है। हमारे युवाओं को शिक्षा, रोजगार विकास चाहिए। हमें समान अवसर चाहिए। सरकार आदिवासियों को ठगने के बजाय उनके विकास की योजना बनाये।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि क्या दिल्ली में कुछ लोगो को खाना खिलाने से सारे बस्तरवासियो के हालात सुधर जायेंगे? बस्तर के लोग खुद आत्मनिर्भर बनना चाहते है। बस्तर वासियों के नाम पर घोटाला करना बंद करें। इसके पहले भी बस्तर ओलम्पिक के नाम पर घोटाला किया गया। 1539 का टैªक सूट 2499 में खरीदा गया था। बस्तर के तेंदूपत्ता संग्राहकों के जूते में घोटाला करने से सेफ्टी शू खरीदा गया। बस्तर संभाग की पंचायतो को देने के लिये 1 करोड़ नहीं है। गृहमंत्री के दौरे पर खर्च करने के लिये करोड़ो रूपये आ गया। बस्तर सरकार ने बस्तर पंडुम में घोटाला कर बस्तरवासियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है।

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