कार्डियक अरेस्ट में शुरुआती मिनट बेहद महत्वपूर्ण, सही समय पर सीपीआर से बच सकती है जान....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-
रायपुर: कार्डियक अरेस्ट (अचानक हृदय गति रुकना) जैसी जानलेवा आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट मरीज के लिए बेहद अहम होते हैं। ऐसे समय में अस्पताल पहुंचने से पहले अगर मरीज को सही तरीके से सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य के साथ राजधानी के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एसीआई (ACI) के कार्डियोलॉजी विभाग ने मरीजों और उनके परिजनों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि मरीज के अचानक बेहोश होने और सांस न लेने की स्थिति को तुरंत पहचानना बहुत जरूरी है। इसके बाद बिना देर किए आपातकालीन सहायता बुलानी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सीपीआर शुरू कर देना चाहिए। कार्यक्रम में लोगों को छाती पर सही जगह और उचित तरीके से दबाव देने की तकनीक सिखाई गई। साथ ही इसका व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया ताकि लोग आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही तरीके से प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता दे सकें।
इस मौके पर मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. देवप्रिया लकड़ा ने भी बताया कि कार्डियक अरेस्ट में हर एक मिनट कीमती होता है। सही समय पर सीपीआर देने से शरीर में रक्त का संचार बना रहता है, जो मेडिकल सहायता मिलने तक मरीज को जीवित रखने में बड़ी भूमिका निभाता है।
कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में आयोजित इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर सहित अन्य चिकित्सक और मेडिकल छात्र भी मौजूद रहे। इस पहल का मुख्य लक्ष्य आम जनता को आपात स्थिति के प्रति जागरूक करना और उन्हें जीवनरक्षक तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान देना था।






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