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नॉन-फॉसिल फ्यूल से बिजली बनाने की क्षमता 297.36 GW तक पहुंच गई है, जो भारत की कुल बिजली क्षमता का 54.18% है.....

Jul 30
2 min read
  • भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 5.08 लाख करोड़ रुपये का भारी निवेश और रिकॉर्ड ग्रोथ: केंद्र ने बृजमोहन अग्रवाल को जानकारी दी |

  • बड़े फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स ने FY 2024–25 और FY 2025–26 के दौरान रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 5.08 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का निवेश किया है।

  • PM सूर्य घर योजना से 48 लाख से ज़्यादा घरों में बिजली पहुंची है और 14.18 GW की रूफटॉप सोलर क्षमता जुड़ी है।

  • घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने से सोलर मॉड्यूल का इंपोर्ट USD 4,354 मिलियन से घटकर USD 994 मिलियन रह गया है।

  • 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल बिजली क्षमता का लक्ष्य हासिल करने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है।

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-

नई दिल्ली – रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल को संसद में केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में भारत की शानदार प्रगति, आयात पर निर्भरता में भारी कमी और 2030 तक 500 GW की नॉन-फॉसिल फ्यूल (गैर-जीवाश्म ईंधन) क्षमता हासिल करने के रणनीतिक रोडमैप पर प्रकाश डाला। इस बदलाव में राज्य की सक्रिय भागीदारी को दोहराते हुए, बृजमोहन अग्रवाल ने कहा: "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत दुनिया के सबसे महत्वाकांक्षी स्वच्छ ऊर्जा बदलावों में से एक को अंजाम दे रहा है। छत्तीसगढ़ इस राष्ट्रीय विज़न के साथ कदम मिलाकर चलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विकेंद्रीकृत सौर पहलों, 'पीएम सूर्य घर' योजना के तहत रूफटॉप इंस्टॉलेशन और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के माध्यम से, छत्तीसगढ़ देश के 500 GW के लक्ष्य को हासिल करने में सक्रिय योगदान देता रहेगा और साथ ही अपने नागरिकों के लिए किफायती व भरोसेमंद बिजली की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगा।"

प्रमुख राष्ट्रीय मेट्रिक्स

कुल गैर-जीवाश्म स्थापित क्षमता: 30 जून, 2026 तक, भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 297.36 गीगावॉट (देश की कुल स्थापित क्षमता 548.85 गीगावॉट का 54.18%) तक पहुंच गई।

● सौर ऊर्जा: 162.15 गीगावॉट

● पवन ऊर्जा: 57.44 गीगावॉट

● बड़े हाइड्रो: 52.06 गीगावॉट

● जैव ऊर्जा: 11.75 गीगावॉट

● लघु जल विद्युत: 5.18 गीगावॉट

● परमाणु ऊर्जा: 8.78 गीगावॉट

स्वच्छ विद्युत उत्पादन में वृद्धि: नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन 2014-15 में 190.96 बिलियन यूनिट (बीयू) से बढ़कर 2025-26 में 477.79 बीयू हो गया, जिससे कुल उत्पादन में आरई की हिस्सेदारी 17.00% से बढ़कर 25.97% हो गई। बड़े पैमाने पर वित्तीय तैनाती: प्रमुख सार्वजनिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों (आईआरईडीए, पीएफसी, आरईसी, एनएबीएफआईडी, आईआईएफसीएल और सिडबी सहित) ने संचयी रूप से लगभग तैनाती की। पिछले दो वित्तीय वर्षों में आरई क्षेत्र में 5.08 लाख करोड़। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना: 22 जुलाई, 2026 तक कुल 48,02,717 घरों (14,180.89 मेगावाट स्थापित क्षमता का प्रतिनिधित्व) को छत योजना के तहत कवर किया गया है।

आयात निर्भरता में तीव्र गिरावट: उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना जैसी घरेलू विनिर्माण पहलों के कारण, सौर मॉड्यूल के आयात में 77% से अधिक की गिरावट आई - वित्त वर्ष 2023-24 में 4,354 मिलियन अमेरिकी डॉलर से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 994 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।

भविष्य में विकास और विस्तार की रणनीति केंद्र सरकार ने 2030 तक 500 GW की नॉन-फॉसिल क्षमता हासिल करने के लिए कई तरह की योजनाएं बनाई हैं। इसमें प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम, ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसमिशन, मार्केट मैकेनिज्म और एनर्जी स्टोरेज को लागू करना, साथ ही नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, ऑफशोर विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स और PM-KUSUM जैसी योजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाना शामिल है।


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