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शिक्षा का उद्देश्य बेहतर इंसान बनाना है, केवल डिग्री दिलाना नहीं: बृजमोहन अग्रवाल.....

Aug 3
3 min read
  • गुरु पूर्णिमा पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षकों का किया सम्मान, विद्यार्थियों को दिए संस्कार और धैर्य के मंत्र

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-

रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल शनिवार को भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ, जिला रायपुर द्वारा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले वरिष्ठ व सेवानिवृत्त शिक्षकों, युवा अध्यापकों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम में अपने जीवन का मार्गदर्शन करने वाले गुरुजनों की उपस्थिति से भावुक हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि माँ-बाप जीवन के पहले शिक्षक होते हैं और उनके बाद बच्चा अपना सबसे महत्वपूर्ण समय स्कूल में बिताता है। उन्होंने कहा, "आज मुझे उन गुरुओं का सम्मान करने का सौभाग्य मिला है जिन्होंने कभी मुझे पढ़ाया और गढ़कर इस योग्य बनाया कि मैं समाज की सेवा कर सकूं। एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, उसका पूरा जीवन सीखने और सिखाने के लिए होता है।"

ज्ञान और शिक्षा में अंतर, शिक्षकों का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पढ़ाना नहीं समारोह को संबोधित करते हुए सांसद ने ज्ञान और शिक्षा के बीच के बारीक अंतर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विषय पढ़ाना और जानकारी देना ज्ञान है, जबकि शिष्टाचार, एटीकेट, बड़ों का आदर करना और सही-गलत की पहचान कराना वास्तविक 'शिक्षा' है।

उन्होंने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि बच्चा कच्ची मिट्टी की तरह होता है, जिसे गढ़कर एक बेहतर इंसान बनाने की जिम्मेदारी शिक्षक की होती है। उन्होंने शिक्षकों को सलाह दी कि वे केवल विषयों के अध्यापक बनकर न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के साथ ऐसा आत्मीय और दोस्ताना संबंध बनाएं कि बच्चे अपने सुख-दुख और परेशानियां उनसे साझा कर सकें। सेवानिवृत्त शिक्षकों से भी उन्होंने आग्रह किया कि वे समय-समय पर अपने पुराने स्कूलों में जाकर बच्चों और नए शिक्षकों का मार्गदर्शन करते रहें।

विद्यार्थियों को दी नसीहत: दिखावे की होड़ छोड़ पढ़ाई और संस्कारों में करें प्रतिस्पर्धा -

छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए अग्रवाल ने जीवन में धैर्य और सादगी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आजकल बच्चों में धैर्य की कमी आ रही है, जो कई समस्याओं की वजह बन रही है। उन्होंने कहा कि माता-पिता या शिक्षक यदि किसी बात के लिए मना करते हैं या डांटते हैं, तो उसके पीछे बच्चों का ही भला छिपा होता है।

स्थानीय संसाधनों पर भरोसा जताने का आह्वान -

अनावश्यक देखा-देखी और बाहरी शहरों में जाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए सांसद ने कहा कि बीकॉम, बीएससी या बीबीए जैसी सामान्य पढ़ाई के लिए माता-पिता पर कर्ज का बोझ डालकर दूसरे शहरों या विदेशों में जाने की जरूरत नहीं है, जब ये सुविधाएं हमारे छत्तीसगढ़ में ही बेहतर ढंग से उपलब्ध हैं। हाँ, यदि कोई स्पेस टेक्नोलॉजी या सुपर कंप्यूटर जैसे विशेष और एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी कोर्स करने हों, तब जरूर बाहर जाएं, जिसके लिए सरकार और बैंक भी सहयोग करते हैं।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू , कांतिलाल जैन, ननि सभापति सूर्यकांत राठौर, अभिषेक अग्रवाल, जोन अध्यक्ष अंबर अग्रवाल , सचिन मेघानी समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के रायपुर शहर शिक्षा प्रकोष्ठ के संयोजक अभिषेक अग्रवाल समेत समस्त पदाधिकारियों को सहित पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा प्रकोष्ठ इसी प्रकार समाज में संस्कार, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने की दिशा में काम करता रहेगा।


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