google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

बालोद में ‘तेजस्विनी–राजमाता बहादुर कलारिन युवती सम्मेलन’ आयोजित...

Oct 5
2 min read
  • नारी शक्ति से ही विकसित होगा भारत, युवतियां बनें आत्मनिर्भर और संस्कारवान : डॉ. वर्णिका शर्मा...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-

बालोद जिले में महिला सशक्तिकरण और वैचारिक सुदृढ़ता को समर्पित ‘तेजस्विनी-राजमाता बहादुर कलारिन युवती सम्मेलन’ का सफल आयोजन किया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), जिला बालोद के तत्वावधान में सी-मार्ट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवतियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जागरूकता और संस्कारों का संचार करना था।


समारोह की शुरुआत छत्तीसगढ़ की लोकगाथाओं की अमर प्रतीक, शौर्य और स्वाभिमान की देवी राजमाता बहादुर कलारिन के स्मरण के साथ हुई। वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बालोद जिले की पावन भूमि (सोरर-चिरचारी स्थित बहादुर कलारिन की माची) उनकी कर्मस्थली रही है। नारी सम्मान की रक्षा के लिए उनके द्वारा स्थापित न्याय और त्याग के आदर्श आज भी पूरे समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।


मुख्य वक्ता और अतिथियों के प्रेरक विचार -

कार्यक्रम में वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. वर्णिका शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आभासी दुनिया (रील) और वास्तविक जीवन (रियल) में जमीन-आसमान का अंतर होता है। वास्तविक जीवन ही हमारे व्यक्तित्व को गढ़ता है। आज भारत ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ यानी युवा शक्ति के मामले में सबसे आगे है, आवश्यकता है इस ऊर्जा को सही दिशा देने की। विदेशी ताकतों द्वारा वैचारिक प्रदूषण फैलाने के प्रयासों के खिलाफ सजग रहने की जरूरत है।


उन्होंने आगे कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर और राजमाता बहादुर कलारिन जैसी महान वीरांगनाओं का इतिहास गवाह है कि देश हमेशा नारी शक्ति के बल पर आगे बढ़ा है। युवतियों को इन प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के जीवन से सीख लेकर आत्मनिर्भर और संस्कारवान बनना चाहिए।


गरिमामयी उपस्थिति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां -

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित महिलाओं और बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता दर्ज की। इस दौरान हॉस्टल की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, वहीं कार्यकर्ता भाइयों द्वारा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकगीत ‘नंदा जाही रे’ और ‘जियत ले दी ददा पानी’ की प्रस्तुति ने समां बांध दिया।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html