प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की पत्रकारों से चर्चा....
पांचों संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों और जिला मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण संपन्न....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश और देश के विभिन्न अहम मुद्दों पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन की घोषणा के साथ-साथ असम में भूपेश बघेल पर हुए हमले, जीएसटी के दावों और प्रदेश में गायों की दुर्दशा के मुद्दे पर अपनी बात रखी।
307 ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण पूरा -
बैज ने बताया कि बस्तर संभाग से शुरू हुआ कांग्रेस के सभी 307 ब्लॉक अध्यक्षों का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम राजधानी रायपुर में संपन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण में ब्लॉक अध्यक्षों के अलावा हर जिले से 2 मास्टर ट्रेनर भी शामिल हुए। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए डॉ. चरणदास महंत, भूपेश बघेल, टी.एस. सिंहदेव, मलकीत सिंह गैदू सहित सभी वरिष्ठ नेताओं और प्रशिक्षण टीम का आभार जताया।
भूपेश बघेल के काफिले पर हमला भाजपा का डर -
असम के नौगांव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और असम पीसीसी अध्यक्ष गौरव गोगोई के काफिले पर हुए पथराव की घटना की कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है। बैज ने कहा कि इस हमले में गाड़ियों के कांच टूटे हैं, हालांकि बघेल और गोगोई पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने इसे असम की भाजपा सरकार की बौखलाहट और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में दिख रहे जनमत का खौफ बताया है। पार्टी ने घटना के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जीएसटी राहत के दावे साबित हुए भ्रम -
22 सितंबर 2025 को जीएसटी दरों में कटौती के एक साल पूरे होने पर बैज ने कहा कि जनता को इसका कोई जमीनी लाभ नहीं मिला है। सरकारी दावों के विपरीत आज शक्कर, दाल, तेल, कपड़े और दवाओं जैसी दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम 2025 की तुलना में कहीं अधिक हैं। जीएसटी कटौती से बचत का दावा केवल एक भ्रम साबित हुआ है।
गायों की मौत पर राज्य सरकार पर साधा निशाना -
प्रदेश में गायों की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए बैज ने कहा कि बलौदाबाजार के भाटापारा ब्लॉक के सूरजपुरा गांव के बंद गौठान में 20 गायों की भूख से मौत हो गई। पिछले एक महीने में रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर, कवर्धा, महासमुंद और कांकेर में 240 से अधिक गायों की मौतें हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गौ माता के नाम पर राजनीति करने वालों के राज में चारे के अभाव में रोज गायें मर रही हैं और गौठान व गौ अभ्यारण्य केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।






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