स्लग: दुनियाभर में तेजी से फैल रही लिवर की बीमारी, फैटी लिवर और हेपेटाइटिस-बी से बढ़ रहा लिवर कैंसर का खतरा....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
आज के समय में लिवर की बीमारियां एक बेहद गंभीर खतरे के रूप में सामने आ रही हैं। असंतुलित खानपान और बिगड़ी हुई दिनचर्या का सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। रायपुर समेत पूरे देश में लिवर के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। दुनियाभर में तेजी से बढ़ने वाले कैंसर के मामलों में लिवर कैंसर भी एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि सतर्कता ही इससे बचाव का एकमात्र उपाय है और समय पर जांच करवाकर आसानी से जान बचाई जा सकती है।
यशोदा हॉस्पिटल, हाईटेक सिटी (हैदराबाद) के क्लीनिकल डायरेक्टर, वरिष्ठ सलाहकार, मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट एवं लिवर विशेषज्ञ डॉ. नवीन पोलावलपु ने एक प्रेस वार्ता में इस गंभीर विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि लिवर की बीमारी एक बार हो जाए, तो इसे ठीक करना बेहद मुश्किल होता है, इसलिए बेहतर है कि हम पहले से ही सतर्क रहें। हाल ही में देखा गया है कि फैटी लिवर और हेपेटाइटिस-बी के कारण कैंसर का खतरा काफी बढ़ गया है, जिससे तुरंत निपटने की आवश्यकता है।
हेपेटाइटिस बी और सी वायरस के संक्रमण तथा अत्यधिक शराब के सेवन से लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचता है। लिवर की बीमारियों को 'साइलेंट किलर' बताते हुए डॉ. नवीन ने कहा कि कई मरीजों को अपनी बीमारी का पता तब तक नहीं चलता, जब तक पैरों में सूजन, पेट में पानी भरना या लिवर कैंसर जैसे गंभीर लक्षण सामने नहीं आ जाते। तब तक बीमारी बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी होती है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए उन्होंने नियमित रूप से ब्लड टेस्ट (रक्त जांच) और अल्ट्रासाउंड स्कैन कराने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी के वायरस बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में मौजूद रह सकते हैं और धीरे-धीरे लिवर को खोखला कर सकते हैं। समय पर जांच, हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण और उचित इलाज से इस गंभीर खतरे को कम किया जा सकता है। उन्होंने सभी लोगों से लिवर के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने और टीकाकरण को प्राथमिकता देने की अपील की है।






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