सर्व समाज ने डीसीपी कार्यालय में किया प्रदर्शन, काजल हिंदुस्तानी और गुजराती स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर, छत्तीसगढ़। राजधानी रायपुर में नफरत और घृणा फैलाने वाले एक कार्यक्रम को लेकर विभिन्न समाजों में भारी आक्रोश है। मंगलवार को सर्व समाज के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने डीसीपी तारकेश्वर पटेल से मुलाकात कर गुजराती स्कूल के प्राचार्य, स्कूल प्रबंधक और काजल हिंदुस्तानी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल ने डीसीपी को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में किसी भी बाहरी व्यक्ति को यहां की कौमी एकता, सद्भाव और भाईचारे को बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सर्व समाज के नेताओं ने कहा कि स्कूल जैसे 'शिक्षा के मंदिर' में बच्चों के बीच इस तरह के नफरत भरे कार्यक्रम परोसना हरगिज स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे आयोजनकर्ताओं पर तत्काल प्रभाव से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और नफरत फैलाने वाले इस स्कूल की मान्यता रद्द की जाए।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे विभिन्न समाजों के प्रमुख -
इस मौके पर बौद्ध समाज, सतनामी समाज, क्रिश्चियन समाज, सर्व ब्राह्मण समाज और हुसैनी सेना की महिला विंग 'जैनब तंजीम' के प्रतिनिधि एकजुट नजर आए। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भोजराज गौरखेड़े, प्रदेश सचिव शैलेश बड़गे, विजय गजघाटे, जिला अध्यक्ष अरुण बागड़े, अविनाश ठुल, अरुण राव और हितेश कुमार शामिल थे।
इसके साथ ही प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज से रायपुर जिला अध्यक्ष मनोज बंजारे, गणेश सेहतोड़े, नीरज बंजारे, अनिल कोसले; क्रिश्चियन समाज से सुरेश मसीह, रविका मसीह; जैनब तंजीम की जिला अध्यक्ष हाजरुन खान और ब्राह्मण समाज से ललित मिश्रा व आभा मुदलियार सहित सैकड़ों लोग डीसीपी कार्यालय पहुंचे।
संविधान से चलेगा देश, नफरत से नहीं -
हुसैनी सेना के जिला अध्यक्ष मोहम्मद आमिर खान ने इस मौके पर कहा कि आज सभी समाज इस नफरती मानसिकता के खिलाफ पूरी तरह से एकजुट हैं। प्रदेश की एकता, अखंडता, सद्भाव और कौमी एकता को किसी भी हाल में टूटने नहीं दिया जाएगा और असामाजिक तत्वों को छत्तीसगढ़ में नफरत फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वहीं, प्रदेश महामंत्री मो. जाकिर और प्रवक्ता साजिद कुरैशी ने कहा कि स्कूल के बच्चे छत्तीसगढ़ और देश का भविष्य हैं; जिन्हें बड़ा होकर देश की ताकत बनना है। हमारा देश नफरत से नहीं, बल्कि बाबा साहब अंबेडकर के संविधान से चलता है।






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