google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

श्रीमद्भागवत कथा समाज को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय....

Jul 13
3 min read
  • छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत हमारी सबसे बड़ी धरोहर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पत्रकार अमृतेश्वर की कलम से:-

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान देवकीनंदन ठाकुर महाराज द्वारा वाचन की जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया तथा श्रीमद्भागवत जी का विधि-विधान एवं भक्तिभाव के साथ आरती-वंदन किया।


मुख्यमंत्री साय ने व्यास पीठ पर विराजमान कथा व्यास देवकीनंदन ठाकुर महाराज से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए आशीर्वाद ग्रहण किया। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत भगवद्नाम के महत्व पर आधारित प्रसंग का एकाग्र भाव से श्रवण किया तथा कहा कि आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में ऐसी धार्मिक कथाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। यह प्रभु श्री राम का ननिहाल तथा माता कौशल्या का मायका है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर व्यतीत किया, जिसके कारण राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान और अधिक गौरवशाली बनती है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण माता शबरी की तपोभूमि है, जहां प्रभु श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन की स्मृतियां आज भी श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करती हैं। उन्होंने कहा कि राजिम स्थित पवित्र त्रिवेणी संगम पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला राजिम कुंभ देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इस भव्य आयोजन में देशभर से साधु-संतों, श्रद्धालुओं और धर्माचार्यों का आगमन होता है, जिससे छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक वैभव को नई पहचान मिलती है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए विभिन्न धार्मिक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रभु रामलला दर्शन योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालु भगवान श्रीरामलला के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के बुजुर्ग देश के विभिन्न प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों के संरक्षण, संवर्धन और समग्र विकास के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक समरसता, धार्मिक स्वतंत्रता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून में देश के विभिन्न राज्यों की तुलना में अधिक कठोर प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सख्त प्रावधानों से अवैध धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार द्वारा गौधाम योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत गौधामों में गौवंश के लिए चारा, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण है तथा राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों, सद्भाव, सेवा, करुणा और लोककल्याण की भावना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और मंगल की कामना करते हुए सभी से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।


इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीवलोचन महाराज, पवन साय, नंदन जैन, योगेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित थे।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html