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संसदीय प्राक्कलन समिति के अध्ययन दौरे पर हरिद्वार पहुंचे वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल, BHEL प्लांट का किया निरीक्षण....

3 days ago
2 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-

हरिद्वार/रायपुर। संसद की प्राक्कलन समिति (एस्टिमेट्स कमेटी) ने अपने उत्तराखंड प्रवास के दौरान रविवार को हरिद्वार स्थित भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के कारखाने का गहन निरीक्षण किया।

















इस अध्ययन दल में रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी प्रमुख रूप से शामिल रहे। प्लांट पहुंचने पर बीएचईएल प्रबंधन ने समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल, सांसद अग्रवाल और अन्य सदस्यों का स्वागत किया।

संसदीय दल ने बीएचईएल परिसर की विभिन्न निर्माण इकाइयों का भ्रमण कर वहां इस्तेमाल हो रही अत्याधुनिक तकनीकों का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने प्रजेंटेशन के जरिए प्लांट की कार्यप्रणाली, वित्तीय स्थिति और भविष्य की विस्तार योजनाओं की विस्तृत जानकारी समिति के सामने रखी।

छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की रीढ़ है BHEL -

निरीक्षण के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्लांट के इंजीनियरों और कर्मचारियों के तकनीकी कौशल की जमकर सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के साथ बीएचईएल के खास कनेक्शन का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश का 'पावर हब' है। राज्य के सीपत व कोरबा स्थित एनटीपीसी (NTPC) और राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी (CSPGCL) के ताप विद्युत संयंत्रों में भेल द्वारा बनाए गए भारी टर्बाइन और जनरेटर ही स्थापित हैं। इन्हीं उपकरणों की बदौलत प्रदेश में बिना रुके बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिसने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक ढांचे को एक मजबूत आधार प्रदान किया है।

रक्षा क्षेत्र और 'आत्मनिर्भर भारत' को मिल रही ताकत -

हरिद्वार प्लांट की अहमियत बताते हुए अग्रवाल ने कहा कि यह कारखाना केवल ऊर्जा की जरूरतें ही पूरी नहीं कर रहा, बल्कि देश की रक्षा शक्ति को भी मजबूत कर रहा है। यहां स्टीम व गैस टर्बाइन और विशाल इंडस्ट्रियल मोटर्स के निर्माण के साथ-साथ, भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के लिए '76 एमएम सुपर रैपिड गन माउंट (SRGM)' जैसी आधुनिक रक्षा प्रणालियां भी तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को धरातल पर उतार रहा है।

सरकारी उपक्रमों को देश की आर्थिक और रणनीतिक संप्रभुता का मुख्य स्तंभ बताते हुए, सांसद अग्रवाल ने प्रबंधन से रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को और अधिक मजबूत करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों के हिसाब से उत्पादन क्षमता को लगातार अपग्रेड किया जाना चाहिए।

इस महत्वपूर्ण अध्ययन दौरे में प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल के अलावा समिति के अन्य सदस्य और संबंधित मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे।


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