माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय....
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय...
महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर माह मिल रहा आर्थिक संबल...

प्रदेश की 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम...
650 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही फिल्म सिटी, छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेंगे नए अवसर...
लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान...
पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए। पारंपरिक उल्लास और आत्मीय वातावरण में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने माताओं-बहनों से भेंट कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। माताओं-बहनों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज का पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा हुआ है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का यह पर्व परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना का अवसर है। उन्होंने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों और उनके परिवारों के सुखी, समृद्ध और स्वस्थ जीवन की कामना की।
सनातन संस्कृति में मातृशक्ति को मिला है सर्वोच्च सम्मान -
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में आदिकाल से मातृशक्ति को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। हमारे वेदों, पुराणों और सामाजिक परंपराओं में नारी के सम्मान और उसकी गरिमा का संदेश निहित है। हमारी संस्कृति कहती है - “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः”, अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।

महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया बहनों का आत्मविश्वास -
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनी है। योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।

13.85 लाख लखपति दीदियां बनीं महिला सशक्तिकरण की नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि माताओं-बहनों को स्थायी आजीविका, कौशल और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह बदलते और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सुखद तस्वीर है।

छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को देश-दुनिया में मिलेगी नई पहचान -
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 650 करोड़ रुपए की लागत से फिल्म सिटी तैयार की जा रही है। इससे छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण और शूटिंग की संभावनाओं का विस्तार होगा। स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार तथा प्रतिभा प्रदर्शन के नए अवसर तैयार होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास को मिली नई गति -
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रस्तुत कर माताओं-बहनों का अभिनंदन किया। समारोह में लोक कला एवं संस्कृति को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित थीं।






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