रायपुर: मेडिकल कॉलेज में पुलिस ने दी रैगिंग और साइबर ठगी के खिलाफ चेतावनी, छात्रों को सिखाए सुरक्षा के गुर

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
राजधानी के एक प्रमुख शिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों को अनुशासित और सुरक्षित माहौल देने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उन्हें परिसर में रैगिंग जैसी असामाजिक गतिविधियों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी। साथ ही, कानूनी परिणामों और आधुनिक साइबर खतरों से बचाव के व्यावहारिक तरीके भी साझा किए गए।
अनुचित हरकतों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी -
संस्थान परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए छात्र-छात्राओं को समझाया कि रैगिंग केवल हंसी-मजाक नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है। मानसिक या शारीरिक रूप से किसी साथी छात्र को प्रताड़ित करने पर भारी कानूनी दंड और जेल तक का प्रावधान है। अधिकारियों ने युवाओं से अपील की कि यदि उनके साथ या आसपास ऐसी कोई घटना होती है, तो वे बिना डरे तुरंत प्रबंधन या पुलिस को इसकी सूचना दें।
नशे से दूरी और साइबर सुरक्षा के खास टिप्स -
कार्यक्रम में युवाओं को वर्तमान समय की दो बड़ी समस्याओं—नशे की लत और ऑनलाइन धोखाधड़ी—के प्रति भी आगाह किया गया। पुलिस दल ने बताया कि किस तरह सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल और फर्जी लिंक्स लोगों को कंगाल बना रहे हैं। छात्र-छात्राओं को हिदायत दी गई कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या बैंक पासवर्ड साझा न करें। किसी भी प्रकार की वित्तीय ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी गई। इसके अलावा छात्राओं की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही 'पिंक पेट्रोलिंग' की जानकारी भी साझा की गई, जिससे युवा बिना किसी संकोच के संकट के समय पुलिस की मदद ले सकें।






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