महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले चिकित्सक को तीन साल की सजा, अदालत ने तय की समयसीमा...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक महिला को गंभीर रूप से प्रताड़ित करने और उसे अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए विवश करने से जुड़े प्रकरण में एक चिकित्सक को दोषी करार दिया है। न्याय पीठ ने सुनवाई पूरी करते हुए चिकित्सक को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और एक तय तारीख तक संबंधित न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा घटनाक्रम -
यह मामला एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से जुड़ा है, जिसमें जांच के दौरान एक चिकित्सक की संलिप्तता सामने आई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी चिकित्सक पर महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप थे। इन परिस्थितियों से तंग आकर पीड़िता ने यह कदम उठाया था। निचली अदालत के फैसले के बाद मामला उच्च न्यायालय पहुंचा था, जहां तमाम पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह अंतिम निर्णय सुनाया गया।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में नरमी बरतना उचित नहीं है। हालांकि बचाव पक्ष की ओर से चिकित्सक की उम्र, पारिवारिक जिम्मेदारियों और बच्चों की उच्च शिक्षा का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने का आग्रह किया गया था, लेकिन अदालत ने अपराध की प्रकृति को देखते हुए इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
इतने दिन जेल में काट चुका है आरोपी -
कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी चिकित्सक पहले ही एक वर्ष से अधिक की अवधि न्यायिक हिरासत में बिता चुका है। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में यह निर्देश दिया है कि पूर्व में काटी गई इस अवधि को कुल सजा में समायोजित किया जाएगा। इसके बावजूद शेष बची सजा पूरी करने के लिए उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। यदि तय तारीख तक आत्मसमर्पण नहीं किया जाता है, तो कानून के प्रावधानों के अनुसार अगली सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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