रायगढ़ पुलिस ने इंदौर के साइबर सिंडिकेट का किया पर्दाफाश: 3 युवतियों समेत 5 आरोपी गिरफ्तार....
इंदौर के कॉल सेंटर से संचालित था देशभर में ठगी का नेटवर्क, आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर रायगढ़ के डॉक्टर से की गई थी ₹34.17 लाख की ऑनलाइन ठगी....
गिरोह के शातिर आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने स्वयं साइबर थाना रायगढ़ में दिया खाते में 5 लाख संदिग्ध रकम आने से होल्ड हो जाने की शिकायत....
म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करने का खुलासा, कई राज्यों में जुड़े नेटवर्क की तलाश जारी....
साइबर ठगी के लिए 140-150 सिम कार्ड उपलब्ध कराने की जानकारी आई सामने, आरोपियों के मोबाइल और बैंकिंग विवरण जब्त....
आरोपियों की गिरफ्तारी से साइबर थाना रायगढ़ के 2 अपराधों का खुलासा, रिमांड पर भेजे गए आरोपी....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
रायगढ़: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 34 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी के मामले में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में साइबर पुलिस थाना रायगढ़ की विशेष टीम ने मध्य प्रदेश के इंदौर में दबिश देकर तीन युवतियों और दो युवकों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की विवेचना में इंदौर के एक कॉल सेंटर से जुड़े साइबर नेटवर्क, म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए ठगी की रकम का लेनदेन करने से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी से साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में दर्ज दो अपराधों का खुलासा हुआ है।
पहला मामला – शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर डॉक्टर से 34.17 लाख की ठगी
रायगढ़ के सोनकरपारा निवासी डॉक्टर दिलीप कुमार मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मार्च 2025 में मोबाइल फोन के माध्यम से उनका संपर्क सुनील नाम के व्यक्ति से हुआ था। उक्त व्यक्ति ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर अत्यधिक लाभ मिलने का प्रलोभन देते हुए स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। कंपनी का पोर्टफोलियो व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया, जिसे देखकर प्रार्थी को निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा हो गया। इसके बाद कुछ अन्य व्यक्तियों ने भी उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क किया और अलग-अलग समय पर निवेश कराया। 28 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2026 के मध्य उनसे कुल 34,17,531 रुपये निवेश कराए गए। निवेश की राशि पर बढ़ता हुआ लाभ पोर्टफोलियो में दिखाया जाता रहा, लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो राशि नहीं निकाल पाए। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की, जिस पर भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
दूसरा मामला – बैंक खाते का साइबर ठगी में इस्तेमाल और कमीशन का खुलासा
दूसरे मामले में सूरज शर्मा निवासी रायगढ़ ने साइबर पुलिस थाने में आवेदन दिया कि उसके बैंक खाते में 12 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच 18 बार में कुल 2,97,298 रुपये का लेनदेन हुआ था। महाराष्ट्र, कर्नाटक तथा पंजाब राज्यों में शिकायतें मिलने के बाद उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सूरज शर्मा ने अपना बैंक खाता साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए उपलब्ध कराया था। बैंक ट्रांजिट के अवलोकन में गायत्री विश्वकर्मा के माध्यम से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन मिलने के तथ्य सामने आए। बैंक खाते का म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ अर्जित करने की भूमिका पाए जाने पर दोनों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया।
इंदौर के कॉल सेंटर से जुड़े नेटवर्क की परतें
दोनों मामलों की सूक्ष्म विवेचना के दौरान पुलिस को एक कॉमन मोबाइल नंबर का उपयोग तनिषा पाटिल द्वारा किए जाने की जानकारी मिली। संदेहियों के इंदौर में सक्रिय मिलने पर साइबर पुलिस की टीम ने पलासिया क्षेत्र के एक कॉल सेंटर में दबिश दी। जांच के दौरान गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा गया। इसके बाद ज्योति मालवीय को विजय नगर क्षेत्र से और तरुण नागर को परदेशीपुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। वहीं, सूरज शर्मा को भी पुलिस ने पकड़ लिया। सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
ज्योति मालवीय (उम्र 20 वर्ष, निवासी राजगढ़, मध्य प्रदेश; वर्तमान पता - विजय नगर, इंदौर)
तनिषा पाटिल (उम्र 21 वर्ष, निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश)
तरुण नागर (उम्र 23 वर्ष, निवासी राजगढ़, मध्य प्रदेश; वर्तमान पता - परदेशीपुरा, इंदौर)
गायत्री कुमारी विश्वकर्मा (उम्र 21 वर्ष, निवासी किरोड़ीमल नगर, रायगढ़; वर्तमान पता - इंदौर)
सूरज शर्मा (उम्र 21 वर्ष, निवासी रायगढ़)
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