दंतेवाड़ा-सुकमा बॉर्डर के 228 परिवारों के घरों तक पहुंचा शुद्ध पेयजल...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
दंतेवाड़ा और सुकमा जिले की सीमा पर पहाड़ों और घने वनों के बीच स्थित एडपाल और डोडपाल बस्तियों की तस्वीर अब बदल चुकी है। भौगोलिक चुनौतियों को पार करते हुए इन दूरदराज के गांवों के 228 घरों में पाइपलाइन के जरिए साफ पानी पहुंचने लगा है, जिससे दशकों पुरानी पेयजल की किल्लत हमेशा के लिए खत्म हो गई है। पहले जहां हर बूंद के लिए हैंडपंपों की लंबी कतारों पर आश्रित रहना पड़ता था, वहीं अब नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीण जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है।
जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर कटेकल्याण ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत एडपाल के 137 और इसके आश्रित गांव डोडपाल के 91 परिवारों को जल जीवन मिशन के जरिए यह सौगात मिली है। उल्लेखनीय है कि इन दोनों ही गांवों को ‘हर घर जल’ का गौरवशाली दर्जा भी हासिल हो चुका है।
पानी की जुगत से मिली आज़ादी -
घर की दहलीज पर पानी मिलने से सबसे बड़ी राहत महिलाओं को मिली है। भीषण गर्मी हो या बरसात का मौसम, पहले पानी के लिए लंबी दूरियां तय करना और सुबह का बहुमूल्य समय इसी में गंवा देना इनकी नियति बन चुका था। इस जद्दोजहद से मुक्ति मिलने के बाद अब महिलाएं अपने घरेलू कार्यों को समय पर पूरा करने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई और आजीविका से जुड़े कामों पर बेहतर ध्यान दे पा रही हैं।
महिलाओं के हाथों में पानी की गुणवत्ता की कमान -
बदलाव सिर्फ पानी मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाएं अब खुद जल प्रहरी की भूमिका निभा रही हैं। इन क्षेत्रों में पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘जल वाहिनी’ नामक महिला समूहों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये महिलाएं फील्ड टेस्ट किट के जरिए नियमित रूप से पानी की जांच करती हैं, जिससे जल जनित बीमारियों का खतरा टल गया है और लोग स्वच्छता के प्रति ज्यादा जागरूक हुए हैं।
डोडपाल में आयोजित ‘ग्राम जल उत्सव’ के दौरान स्थानीय लोगों ने घर-घर पानी पहुंचने पर अपनी खुशी खुलकर साझा की। दुर्गम वनांचल के इन गांवों तक विकास की रोशनी पहुंचने से आम जनजीवन बेहद सुगम और खुशहाल हो गया है।






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