google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

प्रमुख सचिव शहला निगार ने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देश...

Jul 22
2 min read
  • बाल देखरेख संस्थाओं में प्रत्येक बच्चे के लिए बने व्यक्तिगत देखभाल योजना, शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास पर विशेष जोर

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-

रायपुर :- महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार ने सोमवार को न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, रायपुर में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मिशन वात्सल्य अंतर्गत संचालित बाल देखरेख संस्थाओं के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थाओं में निवासरत प्रत्येक बच्चे के लिए इंडिविजुअल केयर प्लान (व्यक्तिगत देखभाल योजना) अनिवार्य रूप से तैयार की जाए, ताकि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाबद्ध कार्य किया जा सके।

बैठक में प्रमुख सचिव ने रायपुर, बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग की बाल देखरेख संस्थाओं में बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास, रचनात्मक गतिविधियों तथा समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे की रुचि, क्षमता और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उसके सर्वांगीण विकास के लिए व्यक्तिगत योजना तैयार की जाए।


महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने निर्देश दिए कि सभी बाल देखरेख संस्थाओं में प्रत्येक बच्चे का व्यक्तिगत देखभाल योजना समयबद्ध रूप से तैयार कर उसका नियमित मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, कौशल विकास, मानसिक एवं भावनात्मक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समन्वित प्रयास किए जाएं, ताकि उनके पुनर्वास और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार हो सके।


प्रमुख सचिव शहला निगार ने अधिकारियों से संस्थाओं के संचालन, बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण, शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं, पुनर्वास तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि सभी संस्थाओं में बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और विकासोन्मुख वातावरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का सर्वोत्तम हित सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए और सभी व्यवस्थाएं गुणवत्ता एवं जवाबदेही के साथ संचालित हों।


बैठक में एजेंडा के सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों एवं अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन और बाल संरक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।


बैठक में रायपुर, बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी तथा विभाग के अंतर्गत संचालित बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षक उपस्थित रहे।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html