छत्तीसगढ़ में स्मार्ट सिटी और शिक्षा अभियान के फंड में करोड़ों के हेरफेर पर गरमाई राजनीति...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: राज्य में सरकारी योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरटीआई (सूचना का अधिकार) से सामने आए दस्तावेजों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। आंकड़ों के मुताबिक, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत आए ₹1,764 करोड़ और समग्र शिक्षा अभियान के ₹690 करोड़ से अधिक के बजट व खर्च में बड़ा अंतर देखने को मिला है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के पूर्व सदस्य मनोज सिंह ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर हुए कार्य और कागजी भुगतानों के बीच भारी खाई है। उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificate), भौतिक सत्यापन और ऑडिट प्रक्रिया पर भी अब संदेह के बादल मंडराने लगे हैं।
उच्च स्तरीय जांच की मांग -
प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मांग की गई है कि इस पूरे वित्तीय कुप्रबंधन की निष्पक्ष जांच हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या आर्थिक अपराध विंग (EOW) से कराई जाए। यदि तय समय में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की भी पूरी तैयारी कर ली गई है।
संपर्क सूत्र: 9425203728 (रायपुर)






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