एसबीआई डेटा लीक मामले पर सियासी पारा गर्म, पूर्व विधायक ने केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) पर कथित साइबर हमले और लाखों ग्राहकों की गोपनीय जानकारियां चोरी होने की खबरों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हाल ही में सामने आए इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने केंद्र सरकार की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक में इस तरह की सेंध लगना आम नागरिकों की वित्तीय सुरक्षा पर बड़ा खतरा है।
चर्चा है कि इस साइबर सेंधमारी के दौरान करीब चार हजार खाताधारकों की निजी जानकारियां सार्वजनिक हो गई हैं। इनमें नाम, जन्मतिथि, फोन नंबर, ईमेल आईडी, घर का पता और लोन से जुड़े दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यदि यह रिपोर्ट सही साबित होती है, तो यह बैंकिंग व्यवस्था और ग्राहकों के भरोसे के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। आज के दौर में जब हर नागरिक अपनी वित्तीय गतिविधियों के लिए पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली पर निर्भर है, तब डेटा की यह सुरक्षा चूक लोगों को बड़े वित्तीय घोटालों के दलदल में धकेल सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कई अहम मांगें रखी गई हैं। इस बात पर जोर दिया गया है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच निष्पक्षता के साथ कराई जाए और जनता के सामने स्पष्ट आंकड़े रखे जाएं। जिन लोगों का डेटा प्रभावित हुआ है, उन्हें समय पर आगाह कर उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। साथ ही, भविष्य में इस तरह की तकनीकी खामियों और चूकों को रोकने के लिए देश के तमाम बड़े बैंकों की सुरक्षा प्रणालियों का कड़ा ऑडिट कराया जाना अनिवार्य है।






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