google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

नंदराज पर्वत पर कटाई की अनुमति आदिवासी विरोधी नीति का प्रमाण- दीपक बैज....

Oct 4
2 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-

रायपुर:- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नंदराज पर्वत केवल लौह अयस्क का भंडार नहीं, आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और पहचान का केंद्र है। इसके बावजूद भाजपा सरकार द्वारा बैलाडीला के नंदराज पर्वत क्षेत्र में खनन और पेड़ कटाई की अनुमति दिया जाना सरकार की आदिवासी विरोधी नीति को उजागर करता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जिस नंदराज पर्वत को बस्तर के आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का केंद्र माना जाता है, वहां खनन गतिविधियों को आगे बढ़ाने के बजाय सरकार को आदिवासी समाज की भावनाओं और ग्रामसभा के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। नंदराज पर्वत को लेकर पहले भी व्यापक आदिवासी आंदोलन हो चुका है और ग्रामसभा की सहमति से जुड़े दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे थे।


कांग्रेस सरकार ने इसी विवादित प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की थी। वर्ष 2019 में नंदराज पर्वत के Deposit-13 को लेकर ग्राम सभा की कथित सहमति और दस्तावेजों पर सवाल उठे थे तथा तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे और उत्खनन पर रोक लगाया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आज भाजपा सरकार उसी संवेदनशील विषय को फिर आगे बढ़ा रही है। मीडिया रिपोर्टों में Deposit-13 के लिए करीब 7,200 पेड़ों की कटाई की अनुमति दिए जाने का मामला सामने आया है। साथ ही खनन के लिए टेंडर और क्षेत्र से लौह अयस्क के नमूने निकाले जाने की जानकारी भी सामने आई है। इन सभी दस्तावेजों को सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए।


कांग्रेस सरकार से पूछना चाहती है:-

  1. नंदराज पर्वत पर पेड़ कटाई की अनुमति किस आधार पर दी गई?

  2. क्या संबंधित ग्राम सभा की विधिवत बैठक हुई थी?

  3. ग्राम सभा की बैठक की वीडियोग्राफी, कार्यवाही और प्रस्ताव की प्रति सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है?

  4. वर्ष 2019 में जिन ग्राम सभा दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर सवाल उठे थे, क्या उनकी नए सिरे से जांच की गई?

  5. 7,200 पेड़ों की कटाई की अनुमति किस अधिकारी ने और किन शर्तों पर दी?

  6. क्या आदिवासी समाज की धार्मिक आस्था और पारंपरिक अधिकारों को इस पूरी प्रक्रिया में पर्याप्त महत्व दिया गया?

  7. सरकार नंदराज पर्वत से संबंधित सभी टेंडर, कार्यादेश, वन अनुमति, पर्यावरणीय अनुमति और ग्राम सभा दस्तावेज सार्वजनिक क्यों नहीं करती?


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पांचवीं अनुसूची वाले बस्तर में ग्रामसभा और आदिवासी अधिकारों का सवाल सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। नंदराज पर्वत के संबंध में पहले भी ग्रामसभा की कथित सहमति को लेकर विवाद सामने आ चुका है। ग्रामवासियो ने अनुमति को फर्जी बताया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि नंदराज पर्वत पर पेड़ कटाई और खनन से संबंधित सभी गतिविधियों को तत्काल रोका जाए, ग्रामसभा की वैधता और सहमति की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा आदिवासी समाज की धार्मिक आस्था और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। सरकार यह याद रखे कि बस्तर की जमीन केवल खनिज संपदा नहीं है। यह आदिवासी समाज की जल-जंगल-जमीन, संस्कृति और आस्था की भूमि है। विकास के नाम पर आस्था के केंद्रों को उजाड़ना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html