नकल पर सख्ती, रायपुर-बिलासपुर और कोरिया में बनेंगे 3 फास्ट ट्रैक कोर्ट...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :- रायपुर :- छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं और सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल या धोखाधड़ी करने वालों पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए प्रदेश में तीन विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है। राज्य शासन ने रायपुर, बिलासपुर और कोरिया जिले के जिला एवं सत्र न्यायालयों को विशेष न्यायालय के रूप में नामित किया है। कोरिया जिले का विशेष न्यायालय बैकुंठपुर में संचालित होगा।
राज्य शासन के विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, रायपुर, बिलासपुर और कोरिया (बैकुंठपुर) जिले के जिला एवं सत्र न्यायालयों को विशेष न्यायालय के रूप में नामित किया गया है। यह व्यवस्था 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' की धारा 12-क के प्रावधानों के तहत की गई है।
यह व्यवस्था सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के प्रावधानों के तहत की गई है। जारी अधिसूचना में अधिनियम की धारा 12-क की उपधारा (2) का उल्लेख किया गया है। इसी कानूनी प्रावधान के आधार पर राज्य शासन ने तीन जिलों के जिला एवं सत्र न्यायालयों को विशेष न्यायालय के रूप में नामित किया है। इन न्यायालयों में संबंधित कानून के अंतर्गत आने वाले मामलों की सुनवाई होगी।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने संबंधित जिला न्यायाधीशों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इन विशेष अदालतों के शुरू होने से परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ मामलों का न्यायिक निपटारा जल्द हो सकेगा, जिससे परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता मजबूत होगी।
तीनों विशेष न्यायालय अपने-अपने निर्धारित अधिकार क्षेत्र में आने वाले सार्वजनिक परीक्षा संबंधी मामलों की सुनवाई करेंगे। इससे परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े प्रकरणों के लिए विशेष न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध होगी। प्रदेश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से सरकारी सेवाओं और अन्य पदों पर भर्ती की प्रक्रिया संचालित की जाती है। ऐसे में परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।






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