दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में एनएसयूआई ने किया प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-
रायपुर दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज एवं बल प्रयोग के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएसयूआई ने सोमवार को अंबेडकर चौक, रायपुर में प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में एनएसयूआई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। एनएसयूआई ने कहा कि अपनी लोकतांत्रिक मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया गया, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय ने कहा कि देश का छात्र वर्ग अपने अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहा था, लेकिन उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुए कथित अत्याचार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्रालय छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज को दबाने का माध्यम नहीं बन सकता।
नीरज पाण्डेय ने कहा कि एनएसयूआई हमेशा छात्रों के अधिकारों, शिक्षा के लोकतांत्रिक माहौल और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के साथ इसी प्रकार का दमन जारी रहा तो संगठन पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन करेगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के अंत में प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन में अमित शर्मा, हेमंत पाल, प्रशांत गोस्वामी, समेत अन्य उपस्थित हुए।






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