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छत्तीसगढ़ में औषधि परीक्षण व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सांसद बृजमोहन लगातार कर रहे हैं प्रयास....

Jul 25
2 min read
  • सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पहल का असर, संसद में उठाए गए मुद्दे पर केंद्र ने दी स्थिति स्पष्ट |

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-

रायपुर छत्तीसगढ़ के जनहित, वनों की अमूल्य संपदा और पारंपरिक आयुष उद्योग के संवर्धन को लेकर रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल निरंतर मुखर हैं। संसद के वर्तमान सत्र में उन्होंने छत्तीसगढ़ समेत देशभर के हर्बल उद्यमियों, लघु वनोपज संग्राहकों और आयुष औषधियों की गुणवत्ता जांच तंत्र की मजबूती का मुद्दा प्रखरता से उठाया।


सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की औषधि परीक्षण व्यवस्था, दवा निरीक्षकों की उपलब्धता और राज्य में गुणवत्तापूर्ण औषधि जांच तंत्र को और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।

लोकसभा में पूछे गए अपने प्रश्न में सांसद अग्रवाल ने जानना चाहा था कि क्या छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाया जाएगा, पर्याप्त दवा निरीक्षकों की नियुक्ति होगी तथा औषधि उद्योग से जुड़े लाइसेंस एवं प्रमाणन की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।


केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री

प्रतापराव जाधव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 34 आयुष औषधि निरीक्षक कार्यरत हैं तथा रायपुर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त औषधि परीक्षण प्रयोगशाला संचालित है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में नियामकीय व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार एवं संबंधित हितधारकों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।


सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ औषधीय पौधों, आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा की समृद्ध विरासत वाला राज्य है। ऐसे में यहां की औषधियों की गुणवत्ता, परीक्षण व्यवस्था और नियामकीय ढांचे को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के आयुर्वेदिक एवं हर्बल उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने के लिए मजबूत परीक्षण प्रयोगशालाएं, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी प्रमाणन व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा बल्कि स्थानीय उद्यमियों, लघु उद्योगों और औषधि निर्माताओं को भी बड़ा लाभ मिलेगा।


अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य, आयुष और औषधि गुणवत्ता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है। संसद के माध्यम से वे लगातार ऐसे विषय उठा रहे हैं जिनका सीधा लाभ प्रदेश की जनता, आयुष चिकित्सकों, औषधि निर्माताओं और युवाओं को मिले।


उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की औषधि परीक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा प्रदेश आयुष आधारित उद्योगों और औषधि निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।

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