google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

माइक्रोसॉफ्ट ने हैदराबाद में लॉन्च किया अपना चौथा क्लाउड रीजन...

50 minutes ago
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

नई दिल्ली :- माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में अपना चौथा क्लाउड रीजन हैदराबाद में लॉन्च किया है। इससे देश में डेटा सेंटर की क्षमता और एंटरप्राइज़ AI के इस्तेमाल में होने वाली बड़ी बढ़ोतरी के लिए कंपनी का क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और मज़बूत होगा। हैदराबाद में लॉन्च हुआ नया 'इंडिया साउथ सेंट्रल' क्लाउड रीजन, पुणे, चेन्नई और मुंबई में पहले से मौजूद माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड रीजन में शामिल हो गया है।


















इससे देश में इस टेक्नोलॉजी दिग्गज की हाइपरस्केल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूदगी सबसे बड़ी हो गई है। यह लॉन्च माइक्रोसॉफ्ट के भारत में पहले से घोषित 20.5 अरब डॉलर के निवेश का हिस्सा है। इसका मकसद क्लाउड क्षमताओं, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग पहलों और ऑपरेशनल विस्तार को मज़बूत करना है। लॉन्च के मौके पर बोलते हुए, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट पुनीत चंडोक ने कहा कि भारत अपने डिजिटल बदलाव के सफर में एक अहम मोड़ पर है और दुनिया में डेटा पैदा करने वाले सबसे बड़े देशों में से एक बनकर उभर रहा है।


चंडोक के मुताबिक, भारत अभी दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत डेटा पैदा करता है, लेकिन ग्लोबल डेटा सेंटर क्षमता में इसकी हिस्सेदारी सिर्फ़ 3 प्रतिशत के आसपास है। चंडोक ने कहा, "दुनिया का 20 प्रतिशत डेटा भारत में पैदा हो रहा है, लेकिन दुनिया की डेटा सेंटर क्षमता का सिर्फ़ 3 प्रतिशत ही हमारे देश में है।" उन्होंने आगे कहा, "इन दोनों आंकड़ों के बीच ही भारत के लिए इस दशक का सबसे बड़ा मौका छिपा है।" अभी भारत में डेटा सेंटर की क्षमता लगभग 2 गीगावाट (GW) है।


चंडोक को उम्मीद है कि 2035 तक यह आंकड़ा बढ़कर 12 GW से 14 GW के बीच हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह तेज़ी से विस्तार ज़रूरी होगा क्योंकि बिज़नेस, सरकारी विभाग और संस्थान AI के एक्सपेरिमेंट से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर AI एप्लीकेशन का इस्तेमाल शुरू कर रहे हैं। चंडोक ने ज़ोर दिया कि AI सेवाओं की मांग पहले से ही मज़बूत है और मुख्य चुनौती भविष्य की ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है। उन्होंने कहा, "हम जो डिजिटल पैमाना बना रहे हैं, उसके लिए फिजिकल पैमाने की ज़रूरत है, और यह हम सभी के लिए राष्ट्रीय ज़रूरत है।"

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html