google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

भू-माफिया प्रकरण में बड़ा खुलासा: सत्र न्यायालय ने खात्मा आदेश किया निरस्त, एसपी जांच में भी थाना प्रभारीअविनाश सिंह की विवेचना पर सवाल.....

Jul 27
2 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से -

रायपुर तिल्दा - नेवरा के बहुचर्चित भूमि फर्जीवाड़ा प्रकरण में सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए थाना तिल्दा-नेवरा द्वारा प्रस्तुत खात्मा रिपोर्ट स्वीकार करने वाले आदेश को निरस्त कर दिया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, जितेंद्र कुमार सिंह रायपुर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रकरण में उपलब्ध दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का समुचित परीक्षण किए बिना खात्मा रिपोर्ट स्वीकार की गई थी। न्यायालय ने मामले को पुनः विधि अनुसार विचार एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित न्यायालय को वापस भेज दिया है।

गौरतलब है कि तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत तुलसी में कथित भूमि फर्जीवाड़े का मामला लंबे समय से विवादों में रहा है। आरोप है कि भू-माफिया राजकुमार भिखवानी ने लगभग 30 हजार वर्गफीट भूमि पर 42 हजार वर्गफीट क्षेत्र में प्लॉटिंग कर विक्रय किया। मामले के शिकायतकर्ता एवं अधिवक्ता केशव शरण वैष्णव का आरोप है कि लगातार शिकायतों और न्यायालय के निर्देशों के बावजूद थाना तिल्दा नेवरा द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तथा विभिन्न स्तरों अपने उच्चाधिकारी व सम्बंधित न्यायलय को गुमराह किया जाता रहा।


इस प्रकरण में एक और महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब पुलिस अधीक्षक, महासमुंद द्वारा पुलिस महानिदेशक को भेजी गई जांच रिपोर्ट में थाना तिल्दा-नेवरा के थाना प्रभारी अविनाश सिंह की विवेचना पर गंभीर प्रश्न उठाए गए। जांच रिपोर्ट में शिकायत के विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा के बाद शिकायत के एक प्रमुख बिंदु को प्रथम दृष्टया प्रमाणित माना गया |


याचिकाकर्ता केशव शरण वैष्णव का आरोप है कि भू-माफिया राजकुमार भिखवानी के राजनीतिक प्रभाव के कारण विवेचना प्रभावित हुई और न्यायालय के आदेश पर दर्ज अपराध क्रमांक 74/2024 में उपलब्ध सीमांकन प्रतिवेदन, राजस्व अभिलेख, सरकारी दस्तावेज तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का समुचित परीक्षण किए बिना आरोपियों के पक्ष में खात्मा रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई। हालांकि, पुनरीक्षण न्यायालय ने अपने आदेश में उपलब्ध दस्तावेजों के पुनः परीक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए खात्मा आदेश को निरस्त कर दिया।


शिकायतकर्ता केशव वैष्णव ने यह भी बताया की राजकुमार भीखवानी के विरुद्ध SDM तिल्दा नेवरा द्वारा पंचायती राज अधिनियम की धारा 61 (क ), (ख ),( ग), भा. द. वि की धारा 420,467,468,471,व 120बी का आदेश थाना तिल्दा नेवरा को दिया गया परन्तु आज दिनांक तक अपराध पंजीबद्ध नहीं किया गया दस्तावेज का परीक्षण करने पर पता चलता है कि पूर्व थाना प्रभारी अविनाश सिंह के द्वारा आरोपी गण को लाभ पहुंचाया गया एवं वर्तमान में भी थाना प्रभारी के द्वारा आरोपी गण को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है. प्रकरण मे राजकुमार भिखवानी, सुरेश भीखवानी, दिव्या तनेजा, सुभाष टंडन उर्फ़ सुभाषिनी साहू को आरोपी बनाया गया l


उक्त प्रकरण मे शिकायतकर्ता की ओर से किशोर ताम्रकार, लुकेश मिश्रा, आकाश हिंदुजा,एन. के ठाकुर, एम. के वर्मा, राम वाधवा, के. पी वर्मा व अन्य अधिवक्तागण शामिल रहे l

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html