महतारी वंदन योजना: महिलाओं से करोड़ों की वसूली पर कांग्रेस का बड़ा हमला, पूछा- 'ढाई साल तक किस आधार पर दी किस्त?'.....
भाजपा सरकार जवाब दे पात्र मानकर ढाई साल तक किस आधार पर किस्त दी ?....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: छत्तीसगढ़ में 'महतारी वंदन योजना' को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए हजारों महिलाओं को अचानक अपात्र घोषित कर उनसे करोड़ों रुपये की वसूली करने को अन्याय और सीधा धोखा करार दिया है। कांग्रेस का सवाल है कि जिस सरकार ने स्वयं महिलाओं का पंजीयन कर ढाई साल तक उनके खाते में राशि भेजी, वह अब अचानक उन्हें अपात्र कैसे मान रही है?
प्रशासनिक गलती की सजा महिलाओं को क्यों?-
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने सरकार से पूछा है कि पात्रता तय करने में हुई गलती किसकी थी— महिलाओं की या सरकारी तंत्र की? उन्होंने कहा कि जब दस्तावेजों की जांच कर महिलाओं को योजना में शामिल किया गया था, तब इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की थी। ऐसे में सरकार की अपनी गलती का बोझ गरीब और मध्यमवर्गीय माताओं-बहनों पर डालना पूरी तरह से संवेदनहीनता है।
वसूली के डर से कर्ज ले रहीं और जेवर गिरवी रख रहीं महिलाएं-
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव और जगदलपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों में महिलाओं पर एकमुश्त राशि वापस करने का भारी प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। कानूनी कार्रवाई की धमकी के कारण महिलाएं मानसिक तनाव से गुजर रही हैं।
किस्त के रूप में मिली राशि को महिलाएं पहले ही घर की जरूरतों और बिजली बिल जैसी चीजों में खर्च कर चुकी हैं। अब सरकारी वसूली चुकाने के लिए कई महिलाएं सूदखोरों से मोटी ब्याज दर पर कर्ज लेने, रिश्तेदारों से उधार मांगने और यहां तक कि अपने जेवर गिरवी रखने को मजबूर हैं। कांग्रेस ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या यही भाजपा का महतारी वंदन और महिलाओं को सम्मान देने की गारंटी है?
तत्काल रोक लगाने की मांग-
प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान 'मोदी की गारंटी' के नाम पर बड़ी संख्या में महिलाओं से आवेदन भरवाए गए थे, लेकिन अब डेढ़-ढाई साल बाद समीक्षा के नाम पर उन्हें बाहर किया जा रहा है।
कांग्रेस ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि:-
महिलाओं से की जा रही पैसों की वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
प्रशासन द्वारा दिया जा रहा मानसिक दबाव और कानूनी कार्रवाई की धमकी तुरंत बंद हो।
जिन महिलाओं को सरकार ने स्वयं पात्र मानकर भुगतान किया है, उनकी स्थिति स्पष्ट कर उन्हें निरंतर योजना का लाभ दिया जाए।






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