छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त: घरों में घुसकर हो रहीं हत्याएं, सरकार और पुलिस बनी मूकदर्शक - कांग्रेस....
अपराधियों के हौसले बुलंद: राजधानी से लेकर जिलों तक खून से लाल हो रही छत्तीसगढ़ की सड़कें...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-
रायपुर: छत्तीसगढ़ में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराधों को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब लोग अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन घरों में घुसकर हत्याएं की जा रही हैं, लेकिन पुलिस और सरकार तमाशबीन बनी बैठी है।
कांग्रेस ने हालिया वारदातों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में खौफनाक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरंग में दो लोगों की निर्मम हत्या, डोंगरगढ़ में मां-बेटे की जान जाना, और राजधानी रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में सरेआम चाकूबाजी व लूटपाट जैसी घटनाएं इसकी बानगी हैं। इसके अलावा सक्ती और जैजैपुर में घर में घुसकर गोलियां बरसाना, कोरिया के सोनहत में चार लोगों को जिंदा जला देना, पेंड्रा में सराफा कारोबारी की हत्या, तथा देवभोग (बिन्द्रानवागढ़) में ब्लेड से हमला कर एक महिला समेत परिवार के कई सदस्यों को गंभीर रूप से घायल करने की घटनाएं अत्यंत डरावनी हैं।
कानून का खौफ खत्म, सरेआम चल रही गोलियां और बम -
प्रेस विज्ञप्ति में पार्टी ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की गोली मारकर हत्या की जा चुकी है। अकेले राजधानी रायपुर में 8 गोलीकांड हो चुके हैं। इसके अलावा बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कवर्धा और मस्तुरी जैसे इलाकों में भी सरेआम हिंसा का दौर जारी है। राजधानी के हीरापुर में बम से हमला और बिरगांव में बम बनाए जाने की घटनाएं यह साबित करती हैं कि पुलिस और प्रशासन अपराधियों पर नकेल कसने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील्स बनाने का नया ट्रेंड -
सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार की अकर्मण्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बदमाशों द्वारा सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर और रील्स बनाकर खुलेआम धमकियां देने का नया दौर शुरू हो चुका है। तेलीबांधा और श्याम नगर जैसे इलाकों में पूरे मोहल्ले की लाइट गुल कर गैंगवार होना, दिनदहाड़े चाकूबाजी और अंतरराष्ट्रीय शूटरों की आवाजाही इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ कुख्यात गिरोहों की पनाहगाह बनता जा रहा है, और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
राजनीतिक द्वेष और दमन में व्यस्त है प्रशासन -
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा करना नहीं, बल्कि राजनीतिक द्वेष निकालना और विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल केवल राजनीतिक दमन के लिए किया जा रहा है, जिससे राज्य में अपराधियों का मनोबल चरम पर पहुंच गया है।






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