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विधानसभा में लक्ष्मी राजवाड़े ने तथ्यों से दिया जवाब, महतारी वंदन योजना पर उठे सवालों का किया सिलसिलेवार जवाब...

Jul 18
2 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-

रायपुर :- छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना और विभागीय योजनाओं को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का विस्तार से जवाब दिया। ई-केवाईसी, हितग्राहियों की पात्रता, भुगतान प्रक्रिया और आंकड़ों में अंतर जैसे मुद्दों पर उन्होंने सदन के समक्ष विस्तृत तथ्य और अद्यतन आंकड़े रखे।


ई-केवाईसी को लेकर सदन में उठे प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल ई-केवाईसी लंबित होने के आधार पर किसी भी पात्र महिला को योजना से बाहर नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। जिन हितग्राहियों की प्रक्रिया निर्धारित अवधि के बाद पूरी होगी, उन्हें लंबित महीनों की सहायता राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी।


मंत्री ने बताया कि योजना के प्रभावी संचालन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हितग्राहियों के रिकॉर्ड का लगातार सत्यापन किया जा रहा है। जुलाई 2026 तक के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार 40,764 अपात्र और 1,23,700 मृत हितग्राहियों सहित कुल 1,64,464 नाम भुगतान सूची से हटाए गए हैं। इसके बाद प्रदेश में 68,70,471 महिलाएं योजना के लिए पात्र हैं।


भुगतान संबंधी आंकड़ों में अंतर को लेकर उठे सवालों पर राजवाड़े ने सदन को बताया कि जून 2026 में 68,89,933 महिलाएं भुगतान के लिए पात्र थीं, जबकि 68,54,003 हितग्राहियों के खातों में राशि भेजी गई। दोनों आंकड़ों के बीच 35,930 का अंतर तकनीकी कारणों से रहा। इनमें 29,700 हितग्राहियों की ई-केवाईसी लंबित थी, 2,972 मामलों में राज्य से बाहर के बैंक खातों का परीक्षण जारी था, 2,939 हितग्राही सत्यापन के दौरान पते पर नहीं मिले या संपर्क से बाहर थे, जबकि 319 मामलों में अधिक भुगतान के समायोजन की प्रक्रिया चल रही थी।


सदन में चर्चा के दौरान मंत्री ने यह भी बताया कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं को भी योजनाओं से जोड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं। 'नियद नेल्लानार' अभियान के तहत लगाए गए विशेष शिविरों के माध्यम से मार्च 2026 तक 7,775 नई पात्र महिलाओं का पंजीयन किया गया, जिससे इन क्षेत्रों में भी योजना का दायरा बढ़ा है।


चर्चा के अंत में लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र महिला तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि तकनीकी कारणों से किसी भी पात्र हितग्राही का अधिकार प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और विभाग योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

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