आदिवासी अंचल की बेटी कविता यादव बनीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की प्रांताध्यक्ष....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
पहाड़ी कोरवा बहुल क्षेत्र गायबुड़ा से निकलकर प्रदेश संगठन के नेतृत्व तक पहुंचीं कविता यादव....
रायपुर:- छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजीयन क्रमांक 409 के प्रांताध्यक्ष पद का निर्वाचन शनिवार को चकरभाठा स्थित वासु मंगलम बिलासपुर में संपन्न हुआ। निर्वाचन प्रक्रिया में कुल सात अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान एक नामांकन निरस्त हुआ, जबकि शेष छह अभ्यर्थियों में से पांच ने अपना नाम वापस ले लिया। नाम वापसी के बाद कविता यादव एकमात्र प्रत्याशी रह गईं, जिसके बाद उन्हें प्रांताध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, यदि एक से अधिक प्रत्याशी मैदान में रहते तो मतदान की प्रक्रिया अपनाई जाती। लेकिन नाम वापसी के बाद एक ही प्रत्याशी के शेष रहने के कारण मतदान नहीं कराया गया।
प्रदेशभर के आजीवन सदस्य हैं मतदाता
संघ की निर्वाचन प्रक्रिया में प्रदेशभर के आजीवन सदस्यों को मताधिकार प्राप्त है। संघ के अनुसार करीब पांच हजार सक्रिय आजीवन सदस्य मतदाता के रूप में पात्र हैं। विभिन्न जिलों से मतदाता सूची तैयार की गई थी। बताया गया कि 2 अगस्त को बिलासपुर के बृहस्पति बाजार में आयोजित प्रांतीय महासमिति की बैठक में प्रांताध्यक्ष पद के चयन को लेकर सर्वसम्मति बनाने का प्रयास किया गया था। सहमति नहीं बनने के बाद 20 सितंबर को निर्वाचन कराने की घोषणा की गई। इसके बाद 5 सितंबर को निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति की गई और निर्धारित प्रक्रिया के तहत नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच तथा नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई।

पहाड़ी कोरवा बहुल आदिवासी अंचल से प्रदेश संगठन के नेतृत्व तक पहुंचीं कविता यादव
कविता यादव जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के पहाड़ी कोरवा बहुल आदिवासी अंचल गायबुड़ा की रहने वाली हैं। ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र से आने वाली कविता यादव का प्रदेश स्तर के संगठन के प्रांताध्यक्ष पद तक पहुंचना उनके संगठनात्मक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। गायबुड़ा और आसपास का क्षेत्र पहाड़ी कोरवा समुदाय की महत्वपूर्ण आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे दूरस्थ आदिवासी अंचल से निकलकर प्रदेशभर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संगठन का नेतृत्व संभालने की जिम्मेदारी तक पहुंचना जशपुर जिले के लिए भी उल्लेखनीय है। कविता यादव के निर्विरोध निर्वाचन के बाद संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के बीच यह अपेक्षा जताई जा रही है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की स्थानीय समस्याओं को प्रदेश स्तर पर भी प्रमुखता से रखा जाएगा।

केवल प्रांताध्यक्ष पद के लिए हुआ निर्वाचन
इस निर्वाचन में केवल प्रांताध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद कविता यादव आगामी समय में महासमिति की बैठक बुलाकर संगठन की कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगी। कार्यकारिणी में प्रदेश के विभिन्न संभागों और जिलों से पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार प्रांताध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का रहेगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुनः निर्वाचन कराया जाएगा।
संगठन की समस्याओं और मांगों को लेकर काम करने की बात
निर्वाचन के बाद कविता यादव ने प्रदेशभर से आए आजीवन सदस्यों, कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रांताध्यक्ष की जिम्मेदारी उनके लिए संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के विश्वास क दायित्व है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के हक-अधिकार, सम्मान, लंबित मांगों और विभिन्न समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष रखने के लिए संगठन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने संगठन में एकजुटता और सभी जिलों की भागीदारी के साथ काम करने की बात कही।
निर्वाचन के अवसर पर निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत मिश्रा, पीठासीन अधिकारी सुनील यादव, कविता यादव, रागिनी वाल्टर सहित संघ के पदाधिकारी और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सदस्य उपस्थित रहे।






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