भारतीय बौद्ध महासभा: कानूनी मान्यता, अधिकृत ट्रस्टी और नव-नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष का रायपुर में अभिनंदन....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया (भारतीय बौद्ध महासभा) यह संस्था परमपूज्य डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर द्वारा सन 1954 में स्थापित की जाकर इसका पंजीयन 4 मई 1955 को मुंबई में सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के अंतर्गत किया था और इस संस्था के माध्यम से प्रबुद्ध भारत के निर्माण हेतु 10 उद्देश्यों के साथ संस्था की कार्य-नियमावली (बायलॉज) भी बनाया था।
इसका पंजीयन क्र. 3227/55 है। 6 जुलाई 1962 को इस संस्था का पंजीयन बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट एक्ट 1950 के अंतर्गत पुनः कराया गया, जिसका पं. क्र. पी.टी. आर फ-982 (मुंबई) है। इस संस्था के मूल बायलॉज में "अध्यक्ष" पद का प्रावधान जीवनपर्यंत था एवं संस्थापक अध्यक्ष डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ही थे। उनके निधन के बाद सलहाकार समिति बनाकर कार्य चलता रहा, किंतु संस्था के सुचारू कार्य संचालन हेतु उचित प्रशासन एवं प्रबंधन की व्यवस्था आवशकता अनुसार महाराष्ट्र शासन के अधीन धर्मादाय आयुक्त वरली मुंबई द्वारा दिये गये सुझाव अनुसार एक स्कीम तैयार की गई जिसमें ट्रस्टियों का एक बोर्ड बनाया गया एवं इस बोर्ड के संचालन की नियमावली महाराष्ट्र शासन के अधीन कार्यरत विभाग धर्मादाय आयुक्त वरली मुंबई द्वारा 24 जून 1981 को मान्यता दी गई।
इस स्कीम को लेकर मा. सिटी सिविल कोर्ट मुंबई से लेकर, हाईकोर्ट मुंबई इतना ही नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में अपील/पिटीशन/स्पेशल लीव पिटीशन आदि दायर होने से बोर्ड ऑफ ट्रस्टियों की मान्यता के संबंध में वाद-विवाद चलता रहा। हाई कोर्ट मुंबई का आदेश दिनांक 21 जून 2013, सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनांक 2 फरवरी 2015 तथा आदेश दिनांक 15 अप्रैल 2015 के माध्यम से अंतिम निर्णय ट्रस्टीयो के पक्ष में हुआ व 24 जुलाई 1981 को मान्यता प्राप्त स्कीम को ही लागू किया गया। इस प्रकार इस संस्था का कार्य इसी स्कीम के अनुसार चल रहा है और अधिकृत ट्रस्टियों का नाम संस्था के शिड्यूल-1 में अंकित करने की कार्यवाही धर्मादाय आयुक्त कार्यालय मुंबई में प्रचलन में है। अद्यतन स्थिति में इस संस्था के अधिकृत तथा मान्य अभिलेखों की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक तथा प्रिंट मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचे इसलिए आज इस पत्रकार वार्ता का आयोजन संस्था के पदाधिकारियों द्वारा किया है। इन अभिलेखों में
(1) दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया पी.टी. आर. नं. F-982 (मुंबई) के अंतर्गत चेंज रिपोर्ट एसीसी-1/2471/01 इस प्रचलित प्रकरण में तत्कालीन धर्मादाय उपआयुक्त मुंबई एस. ए. कापडी द्वारा दिनांक 20/9/2006 को एक आदेश पारित किया है। इस आदेश में किये गये उल्लेखानुसार संस्था के ट्रस्टी चेयरमैन प्रो. पी. जी. ज्योतिकर द्वारा दिनांक 7/04/2001 को चेंज रिपोर्ट दायर की। इस चेंज रिपोर्ट में ट्रस्ट के अंतर्गत रिक्त हुए पद पर ट्रस्टियों की नियुक्ति की गई है, जिसमें-
1. चंदु (चंद्रबोधी) पाटिल
2. दयानंद मोहिते (वर्तमान में निधन हुआ हैं)
3. डॉ. हरीश रावलिया
इन ट्रस्टियों की मान्यता के संबंध में न्यायालयीन प्रकरणों के कारण मान्यता प्रकरण विचाराधीन रखा गया है। किंतु चेंज रिपोर्ट स्वीकार की गई है। अर्थात् चंद्रबोधी पाटिल एवं डॉ. हरीश रावलिया अधिकृत रूप से इस संस्था का कार्य कर सकते हैं। इस चेंज रिपोर्ट के अतिरिक्त वर्तमान स्थिति में कोई भी चेंज रिपोर्ट धर्मादाय आयुक्त के समक्ष प्रलंबित नहीं है, क्योंकि दाखिल आवेदन निरस्त किये गये हैं या पटल पर नहीं लिये हैं।
कुछ लोगों द्वारा इस संस्था का पंजीयन क्रमांक उपयोग में लाकर कार्य किया जा रहा है, जिससे भारतीय बी ही नहीं बल्कि हिमालयीन परंपरागत बौद्धों में भी इस संस्था के प्रति भ्रम निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे रोकने एवं इस प्रकार से अनाधिकृत रूप से कार्य करने वाले गुटों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही हेतु संस्था के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के विधिक सलाहकार अधिवक्ता के माध्यम से दिनांक 18/12/2019 को कोर्ट रिसीवर उच्च न्यायालय मुंबई तथा धर्मादाय आयुक्त कार्यालय वरती, मुंबई को पत्र लिखा गया है। इसमें क्या कार्रवाई हुई है यह ज्ञात नहीं है, लेकिन इस संबंध में संबंधित कार्यालयों से पुनः शीघ्र ही संपर्क किया जाकर इस प्रकार के भ्रम को रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित है।
संस्था के अधिकृत बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज, केंद्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी तथा विभिन्न प्रदेशों के अध्यक्ष/महासचिव आदि की उपस्थिति में दिनांक 13-14 जून 2026 को रतन सोमकुवर मध्य प्रदेश भोपाल को "राष्ट्रीय अध्यक्ष" के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है और आज संस्था के ट्रस्टी/ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, ट्रस्टी/राष्ट्रीय महासचिव की विशेष उपस्थिति में छत्तीसगढ़ राज्य कमेटी के मार्गदर्शन में इस प्रदेश की राजधानी रायपुर में उनका सत्कार रखा गया है।
इस आयोजन के साथ-साथ संस्था की कार्यप्रणाली, सदस्य संख्या बढ़ाना, बौद्ध विहारों के माध्यम से धम्मक्रांति निर्मित करना, समाज में बुद्धिष्ट संस्कारों के निर्मित हेतु प्रभावी कार्य करना, बौद्धों की आचार संहिता का प्रचार-प्रसार करना तथा नव नियुक्त पदाधिकारियों को संस्था में कार्य करने हेतु प्रेरित करना आदि विषयों पर भी संस्था के पदाधिकारियों द्वारा चर्चा की जानी है।
इस कार्यक्रम में संस्था के ट्रस्टी/राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी. रतन सोमकुंवर, ट्रस्टी/राष्ट्रीय महासचिव शंकरराव ढेंगरे, ट्रस्टी/राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ट्रस्टी भीमराव कांबले, ट्रस्टी एवं प्रदेश प्रभारी एस. आर. कानडे, ट्रस्टी आलकाताई बोरकर, राष्ट्रीय सदस्य सी. डी. खोब्रागडे, सारंगराव हुमने, प्रदेश महासचिव बेनीराम गायकवाड़, प्रदेश कोषाध्यक्ष नीलकंठ सिंगाड़े आदि पदाधिकारी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में आस-पास के जिलों के पदाधिकारी, नवनियुक्त समितियाँ तथा बौद्ध उपासक-उपासिकाएँ समिलित होंगे। यह गरिमामय कार्यक्रम संस्था के प्रदेश अध्यक्ष "भोजराज गोरखेडे" की अध्यक्षता में विमतारा मधु पिल्ले चौक, शांति नगर |






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