सूरजपुर में क्रशर में आगजनी और अधिकारियों को बंधक बनाया, तीन जिलों में चार की जान गई...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों के बाद उपजे आक्रोश ने विकराल रूप ले लिया है। सूरजपुर, अंबिकापुर और कोरबा में हुए अलग-अलग हादसों में चार लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाह संचालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में शनिवार रात दिल दहला देने वाली घटना घटी। बिहारपुर चौक से पूजा सामग्री लेकर स्कूटी से घर लौट रही एक महिला को गिट्टी से लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने कुचल दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई और चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। इस दर्दनाक हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने एमपी-छत्तीसगढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने बस्ती में संचालित एक कथित अवैध क्रशर को आग के हवाले कर दिया। हालात काबू करने मौके पर पहुंचे तहसीलदार, एसडीओपी और थाना प्रभारी को भी ग्रामीणों ने बंधक बना लिया, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। लगभग पांच घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने क्रशर हटाने, फरार चालक की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग उठाई।
दूसरी ओर, अंबिकापुर के जयस्तंभ चौक पर एक बेहद अजीबोगरीब और दर्दनाक हादसा हुआ। शुक्रवार रात जगराता कार्यक्रम के लिए सड़क पर बांधी गई रस्सी बाइक सवार युवक के गले में आकर अटक गई। इस वजह से उसकी श्वासनली कट गई और मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं, जबकि बाइक पर बैठा उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। इस लापरवाही से नाराज परिजनों ने थाने का घेराव किया, जिसके बाद पुलिस ने आयोजन समिति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
तीसरा हादसा कोरबा जिले के दर्री थाना अंतर्गत गोपालपुर में सामने आया। शुक्रवार रात जसगीत गाने जा रही महिलाओं के समूह को एक तेज रफ्तार बुलेट ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में दो महिलाओं की मौत हो गई, वहीं एक अन्य महिला के साथ बुलेट पर सवार तीन युवक भी घायल हो गए। इस गमगीन माहौल के बीच गांव के सभी सांस्कृतिक और जसगीत कार्यक्रम स्थगित करने पड़े। इन तमाम घटनाओं ने सड़क सुरक्षा, भारी वाहनों के बेकाबू संचालन और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बरती जाने वाली सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है।






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