ग्राम गनियारी में पद्म विभूषण से सम्मानित परम श्रद्धेय स्व. तीजन बाई को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की.....
ग्राम गनियारी में छत्तीसगढ़ की माटी के अनमोल रत्न, लोक संस्कृति की वैश्विक संवाहक, और पद्म विभूषण से सम्मानित परम श्रद्धेय स्व. तीजन बाई को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की.....
पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से -
तीजन बाई सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध छत्तीसगढ़ी संस्कृति, अस्मिता और परंपरा की एक जीती-जागती संस्था थीं। हाथ में तंबूरा थामे, जब वे बुलंद आवाज में महाभारत के प्रसंगों को जीवंत करती थीं, तो पूरी दुनिया मंत्रमुग्ध हो उठती था। उन्होंने पंडवानी जैसी लोक विधा को वैश्विक मंचों पर जो गौरव दिलाया, उसके लिए यह देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा।
उनका जाना हमारी कला और सांस्कृतिक जगत के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसे कभी नहीं भरा जा सकता। शरीर नश्वर है, लेकिन उनकी कला, उनका संघर्ष और उनकी बुलंद आवाज हमारी आने वाली पीढ़ियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी और उन्हें प्रेरित करती रहेगी।
छग महतारी की बेटी तीजन बाई के चरणों में सादर नमन। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
ॐ शांति!






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