मुंगेली में 500 रुपए के लिए पोते ने वृद्ध महिला की गला रेतकर की हत्या....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से एक बेहद दर्दनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले के पथरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उमरिया में हुई एक बुजुर्ग महिला की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी पुलिस ने आखिरकार छह दिनों के भीतर सुलझा ली है। जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया - महज 500 रुपए के विवाद में रिश्ते में पोता लगने वाले एक नाबालिग ने ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।
क्या था पूरा मामला ?
ग्राम अमोरा निवासी दिव्या भारती ने साकेत चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी मौसी, ग्राम उमरिया निवासी सोनकलिया बाई डहरिया की 26 और 27 सितंबर की दरम्यानी रात किसी ने गला रेतकर हत्या कर दी है। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पथरिया थाना और साकेत चौकी की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पंचनामा व फॉरेंसिक जांच के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी।
पुलिस की विशेष टीम ने बिछाया जाल -
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने त्वरित खुलासे के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला और डीएसपी हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में पथरिया थाना, साइबर सेल और चौकी साकेत की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट्स और मुखबिर तंत्र की मदद से छानबीन तेज की। आसपास के लोगों और परिजनों से गहन पूछताछ के बाद पुलिस का शक गांव के ही एक नाबालिग पर गहरा गया।
मोबाइल छुड़ाने के लिए मांगे थे पैसे -
पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला था। मृतका सोनकलिया बाई को आरोपी किशोर अपनी दादी मानता था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपना गिरवी रखा हुआ मोबाइल फोन छुड़ाने के लिए वृद्धा से 500 रुपए उधार मांगे थे।
जब बुजुर्ग महिला ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो गुस्से में आकर आरोपी ने घर में रखे हंसिया से उनके गले पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बहने से मौके पर ही महिला की मौत हो गई।
बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया आरोपी -
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात के समय उसने जो कपड़े पहने थे, उन्हें भी बरामद कर लिया है। चूंकि आरोपी नाबालिग है, इसलिए कानून के नियमों का पालन करते हुए उसकी पहचान गोपनीय रखी गई है। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी पवन देवांगन, साइबर सेल प्रभारी सत्येन्द्र पुरी गोस्वामी और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।






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