google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

सीजेपी प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए गृह मंत्रालय ने राज्यों को दिए निर्देश...

50 minutes ago
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :- नई दिल्ली :- सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वे दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल बिठाएं और शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाएं। यह प्रस्तावित प्रदर्शन मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाया गया है।


सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) को भेजे गए पत्र में मंत्रालय ने देश के विभिन्न हिस्सों से बिना अनुमति के दिल्ली में घुसने की सीजेपी समर्थकों की कथित कोशिशों को देखते हुए तत्काल एहतियाती कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया, जिससे सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बिगड़ने का खतरा हो सकता है।


मंत्रालय ने किसी भी अनधिकृत जमावड़े को रोकने और कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की खुफिया एजेंसियों, सीमा और पारगमन अधिकारियों तथा दिल्ली पुलिस के बीच लगातार और रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने का भी आह्वान किया। इस पत्र में केंद्रीय गृह सचिव ने प्रस्तावित सभा के संभावित नतीजों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी द्वारा की जाने वाली प्रस्तावित भीड़-जुटाने की कार्रवाई को कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मामला बताया।


पत्र में कहा गया कि सीजेपी की ओर से विरोध-प्रदर्शन करने के लिए की गई अपील को साफ तौर पर खारिज कर दिया गया है और अधिकारियों ने प्रस्तावित सभा पर रोक लगा दी है। गृह सचिव ने सुप्रीम कोर्ट के 2018 के आदेश का भी जिक्र किया और इस बात पर जोर दिया कि तय इलाके में सभाओं के लिए बने नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और कानून का पालन सुनिश्चित करना अधिकारियों की अहम जिम्मेदारी है।


पत्र में कहा गया, "मंत्रालय कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने को एक जरूरी संवैधानिक दायित्व मानता है। कानून के शासन को बनाए रखने के लिए इनका सख्ती और बिना किसी समझौते के पालन किया जाना जरूरी है।" मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि सीजेपी और उसके सहयोगी राजनीतिक दलों, संगठनों और लोगों का पहले के कार्यक्रमों के दौरान कानूनी निर्देशों का पालन न करने का रिकॉर्ड रहा है।


मंत्रालय ने कहा कि पहले जब अलग-अलग राज्यों से समर्थक दिल्ली आए थे, तो सार्वजनिक व्यवस्था में खलल पड़ा था और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। इससे प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान भी ऐसी ही घटनाओं की आशंका पैदा हो गई है। पत्र में कहा गया, "अलग-अलग राज्यों से दिल्ली में उनके पहले के जमावड़ों के कारण सार्वजनिक व्यवस्था में भारी खलल पड़ा और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।"


मंत्रालय के मुताबिक, भरोसेमंद खुफिया जानकारी से पता चलता है कि सीजेपी को औपचारिक रूप से रोक के बारे में बताने के बावजूद संगठन और उसके सहयोगी समूह कानूनी आदेशों को न मानने और बिना इजाजत के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से राष्ट्रीय राजधानी में घुसने की कोशिश कर सकते हैं। पत्र में चेतावनी दी गई कि ऐसी कोशिशों से दिल्ली में कानून-व्यवस्था की चुनौती पैदा हो सकती है, इसलिए केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे सार्वजनिक शांति भंग होने से रोकने के लिए मिलकर कदम उठाएं।


मंत्रालय ने कहा, "सार्वजनिक शांति भंग होने से रोकने और अहम बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया जाता है कि वे दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल बिठाएं और कानून के दायरे में रहते हुए व्यापक कानूनी और ऑपरेशनल नियमों के तहत तुरंत एहतियाती कदम उठाएं।"

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html