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स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बस्तर संभाग के स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक लेकर की समीक्षा.....

Jul 29
3 min read
  • कहा- नक्सलमुक्त बस्तर की तर्ज पर मलेरियामुक्त बस्तर की दिशा में सार्थक प्रयास करें

  • बस्तर संभाग के सभी जिलों के शत-प्रतिशत आश्रम-छात्रावासों में स्क्रीनिंग कव्हरेज आगामी 15 दिनों में पूर्ण करें : स्वास्थ्य सचिव कटारिया*

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-

रायपुर प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज जिला मुख्यालय कांकेेर पहुंचकर बस्तर संभाग के स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय प्रगति की जानकारी ली तथा महत्वाकांक्षी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संभाग के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ की आशातीत सफलता की बधाई देते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की इच्छाशक्ति से जिस तरह बस्तर को नक्सलमुक्त बनाया गया, उसी तर्ज पर इसे मलेरियामुक्त बनाने की दिशा में ठोस व सार्थक प्रयास करें।

जिला पंचायत के सभाकक्ष में मंगलवार को सुबह आयोजित मलेरिया एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम तथा प्रबंधन पर आधारित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों एवं भीषण गर्मी में बस्तर का स्वास्थ्य अमला पूरी शिद्दत व ईमानदारी के साथ मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान को सफल बनाया। उन्होंने टीम वर्क के साथ सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से परस्पर समन्वय स्थापित कर प्राथमिक सेवाओं को निचले स्तर पर पहुंचाने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि जब तक मैदानी अमला पूरे समर्पण भाव से सक्रिय होकर अपनी विभागीय जिम्मेदारियों का समुचित निर्वहन नहीं करेगा, तब तक किसी भी अभियान की सफलता संभव नहीं है। स्वास्थ्य सेवाएं शासन की सर्वोच्च प्राथमिक सेवाओं में शामिल हैं और शासन ने अवसर तथा उत्तरदायित्व सौंपा है, उन्हें अवश्य पूर्ण करें। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बस्तर में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा मलेरियामुक्त बस्तर का संकल्प भी जल्द ही पूरा होगा।

इसके पहले स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया तथा संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. संजीव झा ने बस्तर संभाग के सभी सात जिलों कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर, बस्तर, सुकमा, बीजापुर और दंतेवा़ड़ा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की एजेण्डावार व जिलावार समीक्षा करते हुए विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी ली। बैठक में स्वास्थ्य सचिव कटारिया ने कहा कि विभाग का मैदानी अमला लगातार फील्ड में जाकर सैम्पल संग्रहित करें तथा पॉजीटिव रिपोर्ट आने पर तत्काल उपचार शुरू करें। चूॅकि बस्तर में मलेरिया की शिकायतें अन्य जिलों से अधिक मिलती हैं, इसलिए कोई भी गांव, मजरा, टोला और पारा सर्वे से अछूता न रहे। उन्होंने मितानिनों की दवा पेटी में सभी आवश्यक दवाईयां अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा अनुपलब्धता की स्थिति में तत्काल डिमांड कर आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों से आए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया कि मलेरिया की एक भी दवा की कमी नहीं होनी चाहिए।


शासन द्वारा बस्तर संभाग में सर्वोच्च प्राथमिकता से मलेरिया की दवाएं प्रदाय की जा रही हैं। मलेरियामुक्त बस्तर अभियान के तहत चल रहे 14वें चरण में आगामी 14 अगस्त तक शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए तथा अगले 15 दिनों में सभी जिलों के शत-प्रतिशत आश्रम-छात्रावासों में जाकर निर्धारित इंडेक्स के तहत स्क्रीनिंग कव्हरेज पूरा करने के लिए निर्देशित किया। स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा कि यदि बस्तर को मलेरियामुक्त करना है तो सिर्फ स्क्रीनिंग ही नहीं, जमीनी स्तर पर जाकर मरीजों का सघन उपचार भी करना होगा। इस दौरान बताया गया कि बस्तर संभाग में मलेरिया के 07 लाख 57 हजार 322 सैम्पल लिए गए, जिनमें से 08 हजार 846 सैम्पल पॉजीटिव पाए गए हैं, जिसके उपरांत मरीजों का तत्काल इलाज प्रारंभ किया गया। स्वास्थ्य संचालक डॉ. झा ने गांवों में जाकर ‘डोर टू डोर’ सर्वे के अलावा ग्रामीणों को जागरूक करने पर जोर दिया तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर उपचार कराने के लिए प्रेरित करने की बात कही। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को मुख्यालय में रहने और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम को बेहतर ढंग से मोबिलाइज करने हेतु निर्देशित किया गया।


बैठक में मच्छरदानी का शत-प्रतिशत वितरण, लार्वा पनपने वाले स्थलों का चिन्हांकन करने, प्रमुख बीमारियों की पहचान करने, मरीज के गंभीर होने पर तत्काल उच्च स्तरीय अस्पताल में रेफर करने, कीटनाशक दवाओं का समुचित ढंग से छिड़काव करने, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों, आश्रम-छात्रावासों में मच्छरदानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बारिश के मद्देनजर सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी वेनम, डॉग बाइट, स्नेक बाइट रोधी दवाओं व टीकों का अनिवार्य रूप से भंडारण रखने के निर्देश सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए गए। इसके अलावा विभिन्न एजेण्डों पर विषयवार समीक्षा कर स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत की अध्यक्ष किरण नरेटी, उपाध्यक्ष तारा ठाकुर, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर सहित बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मलेरिया नोडल अधिकारी, डीपीएम, बीएमओ तथा संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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