साबित हो गया ज्ञानेश कुमार भाजपा के कठपुतली - कांग्रेस....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर, :लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोप अब प्रमाणित होते दिख रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) की टिप्पणियों से यह स्पष्ट हो गया है कि ज्ञानेश कुमार अपने दायित्वों का निर्वहन निष्पक्ष रूप से नहीं कर रहे हैं।
मतदाता सूची में गड़बड़ी और मनमानी का आरोप -
कांग्रेस नेता ने कहा कि एसआईआर (मतदाता सूची) में मतदाताओं के नाम दोषपूर्ण तरीके से हटाए और जोड़े गए, जो सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के निर्देशन में हुआ। राहुल गांधी ने 15 महीने से भी पहले 'वोट चोरी' का जो मुद्दा उठाया था, वह आज पहले से भी अधिक सही साबित हो रहा है।
सुशील आनंद शुक्ला ने एक प्रतिष्ठित अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि चुनाव आयुक्त संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 अलग-अलग मौकों पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने को लेकर लिखित आपत्तियां और टिप्पणियां दर्ज की थीं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का कामकाज बहुमत के आधार पर चलता है, ऐसे में दो आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार किया जाना यह दर्शाता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपनी मनमानी चला रहे हैं।
गृह मंत्री के इशारे पर काम करने का दावा -
कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार केंद्रीय गृह मंत्री के इशारे पर काम कर रहे हैं और यह सब प्रधानमंत्री व गृह मंत्री की जानकारी और समर्थन से हो रहा है। कांग्रेस ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने संवैधानिक पद की गरिमा को पूरी तरह धूमिल कर दिया है। उनकी ईमानदारी, निष्पक्षता और स्वतंत्र रूप से काम करने की क्षमता शुरू से ही संदिग्ध रही है।
महाभियोग प्रस्ताव पर आगे बढ़ेगा विपक्ष -
प्रेस विज्ञप्ति में याद दिलाया गया कि 24 अप्रैल 2026 को विपक्ष के 73 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव पेश किया था, जो अभी भी लंबित है। कांग्रेस का कहना है कि अब उनके अपने ही दो सहयोगियों ने उन्हें एक्सपोज कर दिया है, जिससे यह तय है कि यदि संसद का विशेष सत्र बुलाया जाता है, तो दोनों सदनों में विपक्षी सांसद उन्हें पद से हटाने के लिए और पुरजोर तरीके से महाभियोग प्रस्ताव पर जोर देंगे।






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