राशन वितरण प्रणाली में भारी लापरवाही, 5 हजार से ज्यादा गरीब परिवारों का अनाज अटका.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
गरियाबंद। जिले के देवभोग ब्लॉक में राशन वितरण व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। गरीब परिवारों को राहत देने के लिए शासन ने सितंबर और अक्टूबर माह का खाद्यान्न एकमुश्त बांटने का निर्देश दिया था। योजना के मुताबिक 24 अगस्त से 7 सितंबर के बीच सभी सरकारी उचित मूल्य की दुकानों तक राशन पहुंच जाना था, लेकिन समयसीमा खत्म होने के हफ्तों बाद भी ब्लॉक की करीब 25 दुकानों में 1500 क्विंटल अनाज नहीं पहुंच सका है। इस लापरवाही के चलते 5 हजार से ज्यादा ग्रामीण अपने हक के राशन के लिए भटक रहे हैं।
आंकड़ों में लापरवाही: 26 प्रतिशत खाद्यान्न अब भी अटका -
देवभोग ब्लॉक में कुल 56 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं, जिन पर 33,457 राशन कार्डधारी आश्रित हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, अब तक केवल 74 फीसदी राशन ही दुकानों तक पहुंच पाया है, जबकि 26 प्रतिशत आबंटन अभी भी पेंडिंग है। कई पंचायतों में स्थिति बेहद खराब है। गिरसूल में 266 क्विंटल, मुड़ागांव में 143 क्विंटल, डुमरबहाल में 190 क्विंटल, खुटगांव में 185 क्विंटल, माहुलकोट में 186 क्विंटल, मुंगिया में 122 क्विंटल और भतराबाहली में 83 क्विंटल अनाज पहुंचना बाकी है।
अधिकारियों ने क्या कहा ?
राशन न मिलने से परेशान ग्रामीण रोज दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जिससे खाद्यान्न परिवहन और पूरी वितरण व्यवस्था सवालों के घेरे में है। मामले को लेकर देवभोग के खाद्य निरीक्षक मिनकेतन राणा ने बताया कि आबंटन में हो रही देरी की आधिकारिक जानकारी 18 और 25 सितंबर को कलेक्टर खाद्य शाखा को पत्र लिखकर दे दी गई है। वहीं, वेयर हाउस के शाखा प्रबंधक महेंद्र ठाकुर का कहना है कि सितंबर का खाद्यान्न भंडारित हो चुका है, जबकि अक्टूबर माह का करीब 4 से 5 हजार क्विंटल राशन शेष है। इसे अगले दो-तीन दिनों के भीतर राशन दुकानों तक पहुंचा दिया जाएगा। फिलहाल हजारों ग्रामीणों को अपने हिस्से के अनाज का बेसब्री से इंतजार है।






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