google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

गीदम समिति ने रचा इतिहास, 38 वर्षों में सर्वाधिक दर पर बिका तेंदूपत्ता: केदार कश्यप......

Jul 20
2 min read
  • 10,909 रुपये प्रति मानक बोरा तक मिली रिकॉर्ड कीमत, 4 हजार संग्रहक परिवारों को मिलेगा बोनस का लाभ

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से -

रायपुर/दंतेवाड़ा - वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने दंतेवाड़ा जिले की प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति गीतम को तेंदूपत्ता विक्रय में मिली ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे वनाश्रित परिवारों की आर्थिक सशक्तता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।


मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा आयोजित ऑनलाइन निविदा में गीतम समिति का तेंदूपत्ता 10,609 रुपये एवं 10,909 रुपये प्रति मानक बोरा की रिकॉर्ड दर पर विक्रय होना समिति के 38 वर्षों के इतिहास की सर्वाधिक कीमत है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि राज्य सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली का लाभ सीधे संग्रहकों तक पहुंच रहा है।


4 हजार वनाश्रित परिवारों की बढ़ेगी आय

मंत्री कश्यप ने कहा कि रिकॉर्ड दर पर तेंदूपत्ता विक्रय होने से प्राप्त अतिरिक्त राशि का लाभ बोनस के रूप में समिति से जुड़े लगभग 4,000 तेंदूपत्ता संग्रहक परिवारों को मिलेगा। इससे वनाश्रित परिवारों की आय में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी।


डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित

केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण, बोनस, छात्रवृत्ति, बीमा एवं अन्य लघु वनोपज संबंधी योजनाओं में डिजिटल व्यवस्था को प्रभावी बनाया है। डीबीटी के माध्यम से संग्रहकों के बैंक खातों में राशि सीधे जमा की जा रही है, जिससे भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनी है।


समिति और वन अमले को दी बधाई

वन मंत्री केदार कश्यप ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए मुख्य वन संरक्षक, डीएफओ दंतेवाड़ा, जिला लघु वनोपज संघ, समिति के पदाधिकारियों, फड़ मुंशियों तथा इस कार्य में जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि उनके सामूहिक प्रयासों से यह ऐतिहासिक सफलता संभव हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लघु वनोपज के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य करती रहेगी।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html