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भविष्य की शिक्षा: छत्तीसगढ़ में “AI‑सक्षम शिक्षक” अभियान की शुरुआत...

Jul 22
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

छत्तीसगढ़ :- छत्तीसगढ़ में शिक्षा को भविष्य की तकनीकों से जोड़ते हुए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। AI सक्षम शिक्षा अभियान” के माध्यम से स्कूल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है। “सक्षम शिक्षक अभियान” के तहत राज्य में शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल टूल्स और AI आधारित शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अभियान के अंतर्गत 2 लाख से अधिक शिक्षकों को AI प्रमाणन प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए गूगल फॉर एजुकेशन अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को निःशुल्क उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है, जिससे शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त किया जा सके।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक-सक्षम और नवाचार आधारित बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को शिक्षा से जोड़ना केवल एक पहल नहीं, बल्कि प्रदेश के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इससे न केवल शिक्षण पद्धतियों में गुणवत्ता आएगी, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर नए युग के कौशल विकसित होंगे, जो उन्हें आने वाले समय की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “AI सक्षम शिक्षा अभियान” जैसे कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधनों से सशक्त कर कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है - छत्तीसगढ़ को एक ऐसे ज्ञान-आधारित और तकनीकी रूप से सशक्त राज्य के रूप में स्थापित करना, जहाँ हर विद्यार्थी को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अवसरों से भरपूर शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर एक सशक्त, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है।


छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य इस क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, दक्षता और जनसेवा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रभावी माध्यम है। एआई के प्रभावी उपयोग से शासन-प्रशासन को अधिक सक्षम, पारदर्शी, त्वरित एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नई तकनीक को अपनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के लोगों को एआई के लिए तैयार करना, व्यवसायों की उत्पादकता बढ़ाना, नागरिकों की आय में वृद्धि करना तथा बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में एआई के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके लिए राज्य में मजबूत एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा तथा सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदार एआई के उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।


प्रदेश के प्रत्येक नागरिक अपनी भाषा में एआई सीख सके, सरकार तकनीक आधारित भरोसेमंद सेवाएं प्रदान करे और उद्योगों तथा व्यवसायों को नई गति मिले। इस मिशन के अंतर्गत पांच प्रमुख स्तंभों - एआई कौशल विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप, जागरूकता एवं आउटरीच, सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई तथा शासन में एआई के उपयोग - पर कार्य किया जाएगा। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों तथा सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, एआई एवं रोबोटिक्स क्लब तथा हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे। महाविद्यालयों में एआई सर्टिफिकेशन कार्यक्रम, छात्र परियोजनाओं के लिए अनुदान, आईटीआई में एआई लैब तथा विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।


राज्य में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एआई डेटा लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई आधारित स्टार्टअप, डेटा सेट तथा अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्लाउड कंप्यूटिंग सुविधा, सीड फंडिंग तथा उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से अत्याधुनिक एआई आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की भी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।


राज्य स्तर पर एआई नीति तैयार की जाएगी, जिसमें डेटा सुरक्षा, नागरिकों की निजता का संरक्षण, नियमित तकनीकी ऑडिट तथा केंद्र सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। शासन में एआई के प्रभावी उपयोग के लिए विभिन्न विभागों में एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की जाएगी, प्रत्येक विभाग का अलग रोडमैप तैयार होगा, एआई नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी एआई पायलट परियोजनाएं प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भाषिणी प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे सरकारी सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और समावेशी बन सकें।

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