गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए मैदानी अमले को मिला प्रशिक्षण...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर, 24 सितम्बर 2026: गैर-संचारी रोगों (NCD) की समय पर पहचान, जांच और प्रभावी उपचार व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला और ब्लॉक स्तर के मैदानी अमले का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) के तहत रायपुर, बस्तर और अब बिलासपुर संभाग मुख्यालयों में संभाग स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में जिला नोडल अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, जिला सलाहकार, एफएलओ, डीडीएम, बीपीएम और बीडीएम सहित संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
विशेषज्ञों ने दी स्क्रीनिंग और फॉलोअप की जानकारी -
प्रशिक्षण के दौरान संयुक्त संचालक (स्वास्थ्य सेवाएं, बिलासपुर) डॉ. गायत्री बांधी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा घरेवाल और राज्य स्तरीय सलाहकारों के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) तथा WJCF के प्रतिनिधियों ने एनपी-एनसीडी के विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों को गैर-संचारी रोगों की जमीनी स्तर पर स्क्रीनिंग, प्रारंभिक पहचान, रेफरल, उपचार, फॉलोअप, कार्यक्रम की निरंतर निगरानी और रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं का गहन प्रशिक्षण दिया गया।

NCD पोर्टल पर डेटा संधारण का भी मिला प्रशिक्षण -
कार्यशाला में NCD पोर्टल के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वास्थ्य संस्थानों से प्राप्त आंकड़ों को पोर्टल पर सटीक रूप से दर्ज करने, डेटा के व्यवस्थित संधारण और कार्यक्रम की प्रगति की मॉनिटरिंग की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई।
एनपी-एनसीडी के सुचारू संचालन के लिए यह प्रशिक्षण श्रृंखला लगातार आयोजित की जा रही है, जिसके तहत 23 सितंबर को बिलासपुर संभाग में यह प्रशिक्षण दिया गया। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य फोकस जिला से लेकर ब्लॉक स्तर तक की स्वास्थ्य प्रक्रियाओं को एकरूप करना और NCD की स्क्रीनिंग व फॉलोअप व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना है।






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