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बिजली बिल लूट, टैरिफ बढ़ोतरी और निजी वितरण की तैयारी: आप का सवाल....

Sep 3
2 min read
  • स्मार्ट मीटर से बढ़ा बिजली बिल, टैरिफ बढ़ाकर जनता पर महंगाई का बोझ, अब निजीकरण की तैयारी, क्या जनता की बुनियादी सुविधाएं तक छीन लेगी सरकार : उत्तम जायसवाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, आप...

  • वितरण कंपनी बनाकर सरकार के करोड़ों बर्बाद करने के बाद बिजली कंपनी का निजीकरण क्यों-उत्तम जायसवाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, आप...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-

रायपुर, आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने प्रदेश में बढ़ते बिजली बिल, बढ़ी हुई टैरिफ दरों और बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इसके पहले मंत्रिमंडल ने पावर ट्रांसमीशन कंपनी का आईपीओ निकाल कर शेयर बेचने का फैसला किया था। पहले बिजली की कीमते बढ़ाया, स्मार्ट मीटर लगाकर लूटा, 400 यूनिट छूट खत्म किया। अब बिजली कंपनी ही बेच रही है। एक ओर स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के कई गुना बढ़े बिजली बिलों की शिकायतें सामने आ रही हैं, दूसरी ओर सरकार ने 1 जुलाई से बिजली की दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। उन्होंने कहा कि जब जनता महंगे बिजली बिलों से परेशान है, तब सरकार को उपभोक्ताओं को राहत देने की चिंता होनी चाहिए, लेकिन इसके उलट बिजली वितरण के क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश का रास्ता तैयार होता दिखाई दे रहा है। CSERC में टाटा पावर द्वारा रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर तहसीलों के लिए वितरण लाइसेंस का आवेदन इसका गंभीर संकेत है।


उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार पहले सरकारी बिजली व्यवस्था को कमजोर करेगी, फिर निजी कंपनियों को वितरण का अधिकार देकर महंगी बिजली की राह खोलेगी ? क्या बिजली जैसी बुनियादी जरूरत भी अब मुनाफे के कारोबार में बदल दी जाएगी? स्मार्ट मीटर का उद्देश्य पारदर्शिता और सही बिलिंग बताया गया था, लेकिन यदि उपभोक्ताओं के बिल अचानक कई गुना बढ़ रहे हैं तो सरकार को इसका स्वतंत्र ऑडिट और जांच करानी चाहिए। केंद्र की RDSS योजना में स्मार्ट मीटरिंग को वितरण व्यवस्था सुधारने का हिस्सा बताया गया है, इसलिए सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था क्या है।


आम आदमी पार्टी की मांग है कि सरकार बढ़े हुए बिजली टैरिफ पर पुनर्विचार करे, स्मार्ट मीटर से जुड़े बढ़े हुए बिलों की स्वतंत्र जांच कराए और बिजली वितरण में निजी कंपनियों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया पर जनता के सामने पूरी पारदर्शिता रखे।

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