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जूनियर डाक्टर्स के वेतन और अनुबंध राशि कम करने की मांग पर हुई चर्चा, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के चर्चा कर संतुष्ट दिखे चिकित्सक.....

Sep 29
2 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-

रायपुर, राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात कर अपनी प्रमुख समस्याओं और मांगों को उनके सामने रखा। इस अहम बैठक में अनुबंधित सेवा का समय कम करने, वेतन वृद्धि, उच्च शिक्षा के लिए आसानी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने और सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों के लिए एक अलग कैडर बनाने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।
















डॉक्टरों ने रखी ये प्रमुख मांगें -

एसोसिएशन की तरफ से यह मांग पुरजोर तरीके से रखी गई कि जो पीजी चिकित्सा अधिकारी अनुबंध (बॉन्ड) पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उनका वेतन पीजी अंतिम वर्ष के छात्रों को दिए जाने वाले स्टाइपेंड से ज्यादा होना चाहिए। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने एमबीबीएस छात्रों के लिए तय अनुबंध राशि को भी कम करने की अपील की। साथ ही, अनुबंधित सेवा की अवधि को दो साल से घटाकर सिर्फ एक साल करने का भी आग्रह किया गया।


शासन स्तर पर होगा विचार: स्वास्थ्य मंत्री -

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जूनियर डॉक्टरों की बातों को पूरी गंभीरता से सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पीजी डॉक्टरों के वेतन और बॉन्ड राशि से जुड़ी सभी मांगों पर शासन स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा। जो भी मांगें नियमों के दायरे में और न्यायसंगत होंगी, उन पर जल्द ही उचित फैसला लिया जाएगा।


मरीजों की देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता हो -

बातचीत के दौरान मंत्री जायसवाल ने डॉक्टरों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा, "आप लोग पूरी लगन से पढ़ाई करें और बेहतर डॉक्टर बनकर प्रदेशवासियों की सेवा करें। मरीजों का सही इलाज और उनकी देखभाल हमारी सबसे पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।" उन्होंने डॉक्टरों से अपना काम सुचारू रूप से जारी रखने की अपील की ताकि किसी भी मरीज को इलाज में परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से संवेदनशील है।


इस सकारात्मक चर्चा के बाद जूनियर डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल काफी संतुष्ट नजर आया। उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक कदम उठाएगी।

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