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धमतरी: राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता बसंत साहू की कला बनी बच्चों की प्रेरणा....

Aug 23
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

धमतरी: कला केवल रंगों और रेखाओं का मेल नहीं, बल्कि संवेदनाओं, कल्पनाओं और अदम्य इच्छाशक्ति को अभिव्यक्त करने का माध्यम भी है। धमतरी में आयोजित तीन दिवसीय ‘जीवन रंग’ चित्रकला प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता में इसी जज्बे की प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। बसंत फाउंडेशन छत्तीसगढ़, कुरूद के तत्वावधान में 21 से 23 अगस्त तक छत्रपति शिवाजी मराठा मंगल भवन में आयोजित प्रदर्शनी में कलाकार बसंत साहू की कलाकृतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उनकी मेहनत, लगन तथा कला-साधना की जमकर सराहना हुई।


प्रदर्शनी में पहुंचे स्कूली बच्चों ने पेंटिंग्स को करीब से देखा और चित्रों में रंगों के संयोजन, रेखांकन, आकृतियों के संतुलन तथा भावों को उकेरने की कला के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने कलाकार बसंत साहू से सहज संवाद करते हुए चित्रकला की कई बारीकियां और उपयोगी गुर सीखे। उन्होंने यह भी जाना कि किसी चित्र को प्रभावशाली बनाने के लिए केवल अच्छी ड्राइंग ही नहीं, बल्कि धैर्य, निरंतर अभ्यास और कल्पनाशीलता भी जरूरी है। बच्चों के लिए सबसे खास पल वह रहा, जब उन्होंने बसंत साहू के साथ बातचीत की, उनकी कला-साधना के अनुभव सुने और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। बसंत साहू ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कला सीखने के लिए किसी विशेष परिस्थिति का इंतजार नहीं करना चाहिए। नियमित अभ्यास और अपनी कल्पना पर विश्वास रखने से हर बच्चा अपनी अलग पहचान बना सकता है। बच्चों ने भी उनके साथ फोटो लेकर इस मुलाकात को यादगार बनाया। 90 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद कला के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले बसंत साहू की कहानी बच्चों के लिए प्रदर्शनी की सबसे बड़ी प्रेरणा बनी।


उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार सहित मुख्यमंत्री और राज्यपाल द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी उपलब्धियों ने बच्चों को यह संदेश दिया कि प्रतिभा और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने शारीरिक सीमाएं भी बाधा नहीं बन सकतीं। दिव्यांगता के बावजूद बसंत साहू ने अपनी कला को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाया है। उनकी बनाई पेंटिंग्स में रंगों के साथ उनकी कल्पनाशीलता, संवेदनशीलता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाई देता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक कुरूद लेख राम साहू उपस्थित रहे। साथ ही नगर पालिका कुरूद की अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर, नगर पंचायत भखारा की अध्यक्ष ज्योति जैन, समाजसेवी सरिता दोषी, रीतु राज पवार, डिपेंद्र साहू, महेंद्र पंडित, चेतन हिंदुजा, मनोज साहू, राकेश साहू एवं कृष्णकांत साहू सहित धमतरी से आए वरिष्ठ नागरिक, कला-प्रेमी और स्कूली बच्चे मौजूद रहे। अपने उद्बोधन में लेख राम साहू ने कहा कि बसंत साहू की कलाकृतियां और उनका कला के प्रति समर्पण काबिल-ए-तारीफ है।


उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत का परिणाम है। उनकी उपलब्धियां युवाओं और दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां व्यक्ति की राह कठिन कर सकती हैं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति और प्रतिभा के आगे कोई बाधा स्थायी नहीं होती। ‘जीवन रंग’ प्रदर्शनी ने यह संदेश भी दिया कि प्रतिभा को अवसर मिले तो वह सीमाओं से आगे निकलकर पहचान बनाती है। प्रदर्शनी में पेंटिंग्स को देखने पहुंचे बच्चों और युवाओं के लिए यह आयोजन कला के प्रति रुचि जगाने के साथ-साथ आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संदेश भी लेकर आया। बसंत साहू की कला और संघर्ष ने साबित किया कि हौसले के रंगों से जीवन की हर चुनौती को एक खूबसूरत तस्वीर में बदला जा सकता है।


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