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सीसीटीएनएस को और सशक्त बनाने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक....

Jul 22
4 min read
  • स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडलीपार द्वारा जांच प्रकिया को त्वरित करने दिए निर्देश

  • नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप न्याय प्रक्रिया को त्वरित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से -

रायपुर छत्तीसगढ़ में नवीन भारतीय न्याय संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय प्रक्रिया को तकनीक आधारित, सरल एवं त्वरित बनाने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीसीटीएनएस के संचालन में आ रही व्यवहारिक चुनौतियों, विभिन्न डिजिटल मॉड्यूल के एकीकरण तथा न्यायिक एवं पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप अपराधों की विवेचना, साक्ष्य संकलन, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को पूर्णतः डिजिटल और समयबद्ध बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस के माध्यम से न्याय प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को अधिक सुगम, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाया जाए।


ई-एफआईआर से ई-फोरेंसिक तक सभी डिजिटल मॉड्यूल के प्रभावी संचालन पर जोर

बैठक में ई-एफआईआर, ई-चालान, ई-साक्ष्य, मेडलीपार, ई-प्रिजन, ई-फोरेंसिक, सीआईएस, न्याय श्रुति तथा अन्य डिजिटल प्रणालियों को सीसीटीएनएस के साथ प्रभावी रूप से संचालित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी मॉड्यूलों के बीच समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाया जाए, जिससे नागरिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध हो सके।


ई-साक्ष्य के लिए सभी जिलों में विशेष प्रशिक्षण अभियान चलेगा

शर्मा ने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को ई-साक्ष्य प्रणाली का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि डिजिटल साक्ष्यों का संकलन, संरक्षण एवं न्यायालय में प्रस्तुतिकरण पूरी दक्षता के साथ किया जा सके। उन्होंने अच्छा कार्य करें वाले जिलों को प्रोत्साहित कर उन


'न्याय श्रुति' को शीघ्र किया जाएगा गो-लाइव

बैठक में न्याय श्रुति प्रणाली को शीघ्र प्रारंभ करने पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के माध्यम से सभी न्यायाधीशों की आवश्यक आईडी तैयार कराकर न्याय श्रुति प्रणाली को जल्द से जल्द गो-लाइव किया जाए, जिससे न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तकनीक का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।


दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में होंगे ई-साइनिंग पैड

बैठक में प्रार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रारंभिक चरण में दुर्ग, बिलासपुर तथा रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में तथा राज्य के प्रत्येक जिले के दो-दो थानों में इस माह के अंत तक दो-दो ई-साइनिंग पैड उपलब्ध कराए जाएं। इससे शिकायतकर्ताओं के डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया सरल होगी और दस्तावेजों का ऑनलाइन निष्पादन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इसके बाद पूरे राज्य में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।


आईसीजेएस के पांचों स्तंभों को मजबूत करने पर जोर

शर्मा ने नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के सभी पांचों स्तंभों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, न्यायालय, जेल, फोरेंसिक तथा अभियोजन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाए।


मेडलीपार से जुड़ेंगे जिला अस्पताल, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया सहयोग का भरोसा

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल जांच एवं रिपोर्ट की प्रक्रिया को और तेज बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर सभी जिला अस्पतालों को मेडलीपार प्रणाली से जोड़ने तथा प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त कर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अगले तीन से चार महीनों के भीतर इस पूरी प्रणाली को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाने के निर्देश दिए।


एनसीआरबी और एनआईसी मिलकर दूर करेंगे तकनीकी समस्याएं

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीबीआर) के अधिकारियों से कहा कि वे राज्य में आकर ऑनबोर्डिंग के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं का राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि सीसीटीएनएस की सभी सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।


निजी अस्पतालों को भी सीसीटीएनएस से जोड़ने की पहल

शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी चरणबद्ध तरीके से सीसीटीएनएस प्रणाली से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। इससे मेडिकल साक्ष्यों के आदान-प्रदान और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा न्यायिक प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने दुर्ग जिले में ऑनलाइन सीसीटीएनएस प्रणाली के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की सराहना की।


एफएसएल की कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की समीक्षा करते हुए सभी प्रकार के प्रकरणों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित करने तथा जांच की समय-सीमा तय कर उसे न्यूनतम करने के निर्देश दिए। साथ ही फोरेंसिक विशेषज्ञों की आवश्यक भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा लंबित प्रकरणों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाने पर विशेष जोर दिया।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, सचिव हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक ध्रुव गुप्ता, एनसीआरबी एवं सीसीटीएनएस के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से तथा राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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