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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग डिजिटल नवाचारों के माध्यम से सुशासन सशक्त.....

Jul 24
5 min read
  • राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत |

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-

रायपुर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव अंकित आनंद एवं सीईओ चिप्स मयंक अग्रवाल ने विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर छत्तीसगढ संवाद के आडिटोरियम (अटल नगर, नवा रायपुर) में संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा डिजिटल नवाचारों के माध्यम से सुशासन सशक्त हो रहा है, उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित विकास में छत्तीसगढ़ बन रहा है, अग्रणी राज्य सेवा सेतु, भारतनेट, एआई और डिजिटल कनेक्टिविटी से नागरिकों को अधिक सुगम सेवाएं मिल रही है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है । नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार, डिजिटल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, ए.आई. (AI), साइबर सुरक्षा एवं नवाचार आधारित शासन व्यवस्था के माध्यम से राज्य में तकनीक-संचालित प्रशासन को नई गति मिली है ।


सेवा सेतु पोर्टल में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध-

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने प्रेस को बताया कि सेवा सेतु बना नागरिक सेवाओं का सबसे बड़ा डिजिटल मंच सेवा सेतु राज्य की सबसे बड़ी एकीकृत डिजिटल नागरिक सेवा पहल के रूप में स्थापित हुआ है। 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा इसका उन्नत संस्करण प्रारम्भ किया गया, वर्तमान में नागरिकों के लिए इस पोर्टल में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा विगत ढ़ाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए तथा 78 लाख से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया, ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन आदि सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता से नागरिकों को घर के निकट ही सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं । सेवा सेतु में ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, एसएमएस एवं व्हाट्सएप सूचना तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं । इन तकनीकी नवाचारों से नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं ।


वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार-

अंकित आनंद ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही डिजिटल कनेक्टिविटी डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देते हुए राज्य के दूरस्थ, वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, भारत सरकार से वित्त पोषित डिजिटल भारत निधि DBN) के अंतर्गत आकांक्षी जिला, एल डब्लू ई फेज़ II तथा 4G सैचुरेशन योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ गांवों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है । जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं । इसी क्रम में भारतनेट फेज-III के माध्यम से ग्राम पंचायतों को उच्च गुणवत्ता वाले ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा । इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारत सरकार से ₹3,928 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है । इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और फाइबर टू द होम (FTTH) कनेक्टिविटी का विस्तार होगा ।


50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण-

युवाओं के लिए नई संभावनाएं राज्य में भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य के मूल निवासियों के लिए सी.एम. आईटी फेलोशिप प्रारंभ की गई है, अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), नया रायपुर के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के अंतर्गत आरक्षण नियमों के तहत 50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण के साथ विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यानुभव प्रदान किया जा रहा है, जिससे राज्य के लिए दक्ष आईटी विशेषज्ञों का एक मजबूत समूह तैयार हो सके ।


विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म से सुशासन को मिल रही है नई मजबूती-

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने बताया कि तकनीक आधारित शासन को मिल रही नई मजबूती विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के लिए विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म सुशासन को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं । खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ । एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (IWMMS) के माध्यम से औद्योगिक अपशिष्ट के परिवहन एवं निस्तारण की ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित की गई है ।


वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 में 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण कर निवेशकों को एकीकृत एवं समयबद्ध ऑनलाइन अनुमोदन उपलब्ध कराया जा रहा है, पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य की बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा की जा रही है । बस्तर मुन्ने पोर्टल के माध्यम से नक्सल मुक्त जिलों (बस्तर संभाग के 07 जिले एवं अन्य 3 जिले) में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का प्रभावी लाभ दिलाने हेतु मॉनिटरिंग की जा रही है । वहीं डिजिटल द्वार के माध्यम से सभी विभागों के बीच सुरक्षित एवं मानकीकृत डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था विकसित की जा रही है ।


ए.आई. आधारित कौशल विकास एवं अनुसंधान को बढ़ावा-

भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ए.आई. को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है । छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप एवं शासकीय अधिकारियों के लिए ए.आई. आधारित कौशल विकास एवं अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा । राज्य में ए.आई. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, ए.आई. डेटा लैब की स्थापना की जा रही है, जिससे नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे ।


चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन-

साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं भारत सरकार की संस्था सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य राशि रूपये 105.3 करोड़ की लागत से राज्य में चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना के लिए एमओयू किया गया है, जिसमें केंद्र एवं राज्य शासन दोनों के द्वारा बराबर राशि रुपये व्यय किये जायेंगे । प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन दिया जायेगा।


क्लाउड फर्स्ट नीति से मजबूत होगा डिजिटल इकोसिस्टम-

डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर रही है, जिसके माध्यम से सुरक्षित क्लाउड आधारित सेवाओं, डेटा सुरक्षा तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर मिली उल्लेखनीय पहचान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की इन पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सराहना मिली है। आधार सेवाएं, जीआईएस परियोजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-प्रगति पोर्टल, एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली, वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 तथा कोर्ट केस मॉनिटरिंग सिस्टम को विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।


छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध-

प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल शासन की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी साधन है । हमारी सरकार ए.आई., डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य-

छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य तकनीक को केवल सुविधा का माध्यम बनाना नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, समावेशी विकास और नागरिक सशक्तिकरण का आधार बनाना है । इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसी संकल्प के साथ डिजिटल नवाचार को जनहित से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है ।

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