विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य टालने की मांग...
- ANIS LALA DANI

- 52 minutes ago
- 3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
भागलपुर :- विक्रमशिला सेतु पर प्रस्तावित मरम्मत और स्थायी निर्माण कार्य को लेकर नई मांग उठी है। भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने निर्माण कार्य शुरू करने की समय-सारिणी पर पुनर्विचार करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सेतु पर काम गंगा का जलस्तर कम होने, बाढ़ और बारिश की स्थिति सामान्य होने तथा सितंबर से नवंबर तक चलने वाले प्रमुख पर्व-त्योहारों का समय बीतने के बाद शुरू कराया जाए।
सरकार सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि विक्रमशिला सेतु भागलपुर समेत आसपास के कई जिलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस पुल के जरिए प्रतिदिन हजारों लोग अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। इसमें विद्यार्थी, मरीज, किसान, व्यापारी, नौकरी-पेशा लोग और आम यात्री शामिल हैं। ऐसे में यदि वर्तमान समय में पुल पर यातायात बंद किया जाता है या इसे बहुत सीमित कर दिया जाता है तो लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अजय कुमार मंडल ने कहा कि विक्रमशिला सेतु केवल एक पुल नहीं, बल्कि क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसके माध्यम से भागलपुर का संपर्क कई जिलों से जुड़ा हुआ है। पुल पर निर्माण कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से आम लोगों के साथ-साथ व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। सांसद ने सुझाव दिया है कि निर्माण कार्य के लिए ऐसा समय चुना जाना चाहिए, जब आम जनता को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा रहता है और बाढ़ जैसी परिस्थितियां भी बनी रहती हैं। ऐसे समय में बड़े निर्माण कार्य करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके अलावा सितंबर से नवंबर तक कई महत्वपूर्ण पर्व और त्योहार आते हैं, जिनके दौरान बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि त्योहारों के समय लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में यदि पुल पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है तो यात्रियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है और उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इसलिए निर्माण कार्य की शुरुआत त्योहारों के प्रमुख समय के बाद करना अधिक उपयुक्त होगा। विक्रमशिला सेतु भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए वर्षों से एक महत्वपूर्ण परिवहन माध्यम रहा है। इस पुल के जरिए लोग गंगा नदी पार कर अपने कामकाज, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचते हैं। पुल पर किसी भी तरह की बड़ी बाधा का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ता है।
सांसद ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य की समय-सारिणी में बदलाव पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि पुल की मरम्मत और स्थायी निर्माण कार्य जरूरी है, लेकिन इसके लिए ऐसी योजना बनाई जानी चाहिए जिससे जनता को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले यातायात प्रबंधन की ठोस योजना तैयार की जाए।
वैकल्पिक मार्गों, ट्रैफिक नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि मरीजों, छात्रों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी न हो। विक्रमशिला सेतु की मजबूती और सुरक्षा को लेकर लंबे समय से मरम्मत कार्य की जरूरत महसूस की जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों की चिंता है कि निर्माण अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था कैसे संचालित होगी। सांसद के पत्र के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन इस मामले पर गंभीरता से विचार करेगा और जनहित को ध्यान में रखते हुए आगे का निर्णय लेगा।




.jpg)









