मंदिरों में अंधेरा और सामुदायिक भवनों में पानी बंद करने का फरमान जनविरोधी....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
मंदिरों की बिजली काटना आस्था पर हमला, सामुदायिक भवनों के पंप बंद करना जनता से खिलवाड़...
जनता को सुविधा देने के बजाय सुविधाएं छीन रहा नगर निगम, मंदिरों की बिजली-पानी बंद करना शर्मनाक...
बिजली-पानी काटकर आम जनता को परेशान करने पर तुला नगर निगम, फैसला तत्काल वापस ले...
मंदिरों की बिजली और जनता के पानी पर कैंची क्यों? नगर निगम के फैसले पर भड़के विकास उपाध्याय...
भाजपा शासन में मंदिर भी सुरक्षित नहीं, बिजली काटने का फैसला आस्था और जनभावना से खिलवाड़...
नगर निगम का तुगलकी फरमान—मंदिरों की बिजली बंद, सामुदायिक भवनों के पंप कटेंगे : विकास उपाध्याय...
मंदिरों की बिजली काटना आस्था पर चोट, सामुदायिक भवनों के पंप बंद करना जनता को परेशान करने की साजिश : विकास उपाध्याय...
नगर निगम का फैसला तत्काल वापस हो, वरना कांग्रेस सड़कों पर उतरकर करेगी विरोध...
रायपुर। नगर निगम द्वारा मंदिरों एवं सामुदायिक भवनों की निःशुल्क बिजली व्यवस्था पर रोक लगाने तथा पानी के लिए लगे पंपों को काटने के निर्णय पर पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने तीखा हमला बोला है। विकास उपाध्याय ने कहा कि जिस सरकार और नगर निगम को जनता की बुनियादी सुविधाएं बढ़ानी चाहिए, वह मंदिरों की बिजली काटने और सामुदायिक भवनों के पानी के पंप बंद करने में लगी हुई है। यह फैसला पूरी तरह जनविरोधी और संवेदनहीन है।
उन्होंने कहा कि मंदिरों में बिजली और पानी कोई विलासिता नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता है। वहीं सामुदायिक भवनों का उपयोग समाज के हर वर्ग के लोग अपने सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए करते हैं। ऐसे स्थानों की सुविधाएं बंद करना सीधे-सीधे आम जनता की परेशानी बढ़ाना है।
विकास उपाध्याय ने सवाल उठाया कि चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार अब जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसाने क्यों लगी है? उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम आर्थिक संकट में है तो अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाए, लेकिन मंदिरों और सामुदायिक भवनों की बिजली-पानी व्यवस्था बंद कर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर बोझ डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को सुविधा देने के बजाय भाजपा सरकार और नगर निगम जनता की सुविधाएं छीनने की नीति पर चल रहे हैं। यह फैसला उनकी जनविरोधी सोच को उजागर करता है। विकास उपाध्याय ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि मंदिरों की बिजली और सामुदायिक भवनों के पानी के लाइन अगर काटी गई तो कांग्रेस इसका पुर जोर विरोध करेगी ।






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