छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का कहर: 12 जिलों में हाई अलर्ट, स्कूल बंद और सैकड़ों राहत शिविर स्थापित...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य शासन ने भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका के चलते पूरी तरह कमर कस ली है। आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रदेश के 12 जिलों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना है, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
इन जिलों में स्कूल बंद और खास निर्देश तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि रखी गई है। इसके तहत दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कोंडागांव, दुर्ग, धमतरी और राजनांदगांव समेत कई प्रमुख जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे स्कूल खुलने या बंद रहने को लेकर अपने क्षेत्र के ताजा आदेशों की पुष्टि अवश्य कर लें।
1,769 संवेदनशील गांवों की पहचान, 779 राहत शिविर तैयार आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने कुल 1,769 संवेदनशील गांवों को चिन्हित किया है। स्थिति से निपटने के लिए कुल 779 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां पेयजल, भोजन और दवाइयों का पूरा इंतजाम रहेगा। बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है। राज्यभर में एसडीआरएफ की 7 टुकड़ियां तैनात की गई हैं, जिनमें कुल 36 जवान प्रति टीम शामिल हैं। इसके अलावा दुर्ग में एनडीआरएफ की टीम भी मौजूद है। जरूरत पड़ने पर बाढ़ या जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद लेने की भी तैयारी है।
किसानों के लिए जरूरी एडवाइजरी कृषि विभाग और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले कुछ दिनों तक धान और अन्य पकी हुई फसलों की कटाई रोक देने को कहा गया है। जिन किसानों की फसलें पहले ही कट चुकी हैं, उन्हें अपनी उपज सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बारिश से फसल खराब न हो।
स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा सेवाएं अलर्ट आपदा के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए अति संवेदनशील 12 जिलों के जिला अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह तैयार रखा गया है। साथ ही पशुओं के टीकाकरण और उपचार के लिए भी पशु चिकित्सा टीमों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
24 घंटे एक्टिव रहेगा कंट्रोल रूम किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए राज्य स्तर पर हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा सभी जिला मुख्यालयों में कंट्रोल रूम चौबीस घंटे सक्रिय हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों, बिजली के खंभों से दूर रहें और जरूरत पड़ने पर बिना वजह घरों से बाहर न निकलें।






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